नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को सपाट शुरुआत हुई। मंगलवार को बाजार में आई शानदार तेजी के बाद आज सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रही। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंका ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है, जिसकी वजह से ग्लोबल मार्केट से मिल रहे संकेतों ने भारतीय बाजार की रफ्तार पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया। कारोबार खुलने के समय सेंसेक्स 78200 आसपास और निफ्टी 24280 के आसपास कारोबार करते दिखे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान के बाद रिलायंस के शेयर में आज तेजी दिखी। बता दें कि अमेरिका 50 साल में पहली बार एक नया ऑयल रिफाइनरी प्लांट बनाने जा रहा है और इस प्रोजेक्ट में मुकेश अंबानी निवेश करेगी। इस समय सबसे बड़ी भूमिका कच्चे तेल की है। कीमतों में $117 प्रति बैरल से लेकर $85 प्रति बैरल से भी नीचे तक भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। हालांकि कच्चा तेल अब हरे रंग में है और अभी $90 प्रति बैरल से नीचे है।
बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त देखी गई और यह निचले स्तर से उबरती हुई दिखाई दी क्योंकि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर अपने रुख में बदलाव किया। WTI कच्चे तेल की कीमत $83.43 पर ट्रेड कर रही थी जो 0.03% की गिरावट दिखाती है जबकि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत $87.88 पर 0.05% की बढ़त के साथ कारोबार कर रही थी। वहीं COMEX पर कच्चे तेल की कीमत 1.12% उछलकर $84.420 प्रति बैरल हो गई।
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने कच्चे तेल की कीमतों को कम करने के लिए अपने इतिहास में सबसे बड़े तेल भंडार जारी करने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम ईरान के साथ युद्ध के दौरान तेल की कीमतों में तेज़ उछाल के बाद उठाया जा सकता है। यह प्रस्तावित रिलीज़ 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद IEA सदस्य देशों द्वारा बाज़ार में जारी किए गए 182 मिलियन बैरल तेल से भी अधिक होगी। वहीं बुधवार सुबह एशियाई सूचकांक बढ़त के साथ खुले, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें अपने ऊंचे स्तर से नीचे आईं।