जालंधरः महानगर के बस्ती दानिशमंदा के बाल्मीकि मोहल्ला में मंगलवार शाम महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों के चलते फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतका की पहचान 50 वर्षीय एकता के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में पहुंचा दिया है और पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला कि मृतका पिछले कुछ दिनों से डिप्रेशन में चल रही थी और उसने किसी से परेशानी जाहिर नहीं की ओर यह कदम उठा लिया।
बस्ती दानिशमंदा के बाल्मीकि मोहल्ला के रहने वाले राजविंदर गिल ने कहा कि उसकी बहन एकता घर में अकेली रहती थी और वह पिछले कुछ दिनों से डिप्रेशन में चल रही थी। उन्होंने कहा कि बेटियों की शादी के बाद एकता अकेली घर में रहती थी और अक्सर काम के बाद घर में आकर कहती थी कि उसका दिल नहीं लगता। उसकी बहन ने डिप्रेशन के चलते फंदा लगा लिया है।
वहीं इलाके के प्रधान जतिंदर कुमार ने बताया कि वह एकता को बड़ी बहन मानते थे। उन्होंने कहा कि वे दोपहर ढाई बजे काम से घर लौटे थे और उस दौरान उनकी मुलाकात एकता हुई थी। वह उसके बाद घर चला गया था और वह घर जाकर सो गया था। बेटी उसके पास आई उसने आकर उठाया कि एकता ने फंदा लगा लिया है, जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे और आत्महत्या की सूचना पुलिस को दी।
थाना पांच के जांच अधिकारी एएसआई मनजीत सिंह ने बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम पर सूचना मिली थी कि बस्ती दानिशमंदा के बाल्मीकि मोहल्ला में महिला ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है, जिसके बाद मौके पर पहुँचे। उन्हें प्राथमिक जाँच में पता चला कि महिला पिछले कुछ दिनों से डिप्रेशन में चल रही थी और उसने इसी के चलते पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवा दिया और वह पारिवारिक सदस्यों के बयानों पर बनती कार्रवाई करेंगे।