भीलवाड़ाः राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। यह कार्रवाई गंगापुर थाना क्षेत्र में की गई। रविवार को भीलवाड़ा सदर डीवाईएसपी और प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारी माधव उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक खेत में छापा मारा। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि गेहूं की फसल के बीच छिपाकर अफीम उगाई जा रही है।
गेहूं की फसल के बीच मिली अफीम की क्यारी
पुलिस टीम जब डेलाना गांव में नारायण लाल जाट के खेत पर पहुंची तो खेत के चारों ओर गेहूं की फसल खड़ी थी। शुरुआत में पुलिस को अफीम के पौधे दिखाई नहीं दिए। इसके बाद टीम ने पूरे खेत की बारीकी से जांच की। तलाशी के दौरान गेहूं की फसल के बीच एक अलग क्यारी में अफीम के पौधे लगे हुए मिले।
7 फीट चौड़ी और 150 फीट लंबी क्यारी में उगाई गई अफीम
जांच के दौरान पुलिस ने अफीम की क्यारी का नाप लिया। यह क्यारी करीब 7 फीट चौड़ी और 150 फीट लंबी पाई गई। इस क्यारी में बड़ी संख्या में अफीम के पौधे उगाए गए थे। सभी पौधों पर अफीम के डोडे भी लग चुके थे।
8500 पौधे जब्त, वजन निकला 125 किलो से ज्यादा
पुलिस टीम ने मौके पर ही अफीम के सभी पौधों को उखाड़ लिया। कुल 8500 पौधों को जब्त कर 13 प्लास्टिक के कट्टों में भरा गया। बाद में इनका वजन किया गया तो इनका कुल वजन 125 किलो 96 ग्राम निकला।
खेत मालिक मौके से फरार
पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही खेत मालिक नारायण लाल जाट मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।
एसपी के निर्देश पर बनाई गई थी विशेष टीम
इस मामले में जानकारी देते हुए डीवाईएसपी माधव उपाध्याय ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिलने के बाद भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई थी। उसी टीम ने डेलाना गांव में जाकर यह कार्रवाई की।
आरोपी की तलाश में पुलिस की दबिश जारी
पुलिस ने अवैध अफीम के सभी पौधों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपी नारायण लाल जाट की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।