34 एनकाउंटर की एक जैसी कहानी, SIT का किया गठन
चंडीगढ़ः पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरदासपुर में 19 वर्षीय युवक रंजीत सिंह के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में कड़ी टिप्पणी की है। आज हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सुनवाई के दौरान माननीय जज ने भावुक होकर पुलिस को चेतावनी दी। अदालत ने कहा, “हम अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते। मृतक सिर्फ 18-19 साल का युवक था।” अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी मुलज़िम को सजा देना अदालत का अधिकार क्षेत्र है, पुलिस खुद जज बनने की कोशिश न करे। अदालत ने आश्चर्य व्यक्त किया कि हर एनकाउंटर की कहानी एक जैसी क्यों होती है? वकील ने अदालत को बताया कि नवंबर से जनवरी तक हुए लगभग 34 एनकाउंटरों की कहानी आपस में मिलती-जुलती है।
अदालत में पेश पंजाब के डीजीपी ने बताया कि, मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। घटना के समय पुलिस हथियार बरामद करने गई थी और उस समय 3 से 4 कर्मचारी मौजूद थे। यह मामला पहले ही सीजेएम (सीजेएम) गुरदासपुर की निगरानी में है।
हाईकोर्ट ने पुलिस को असली आरोपी और इन घटनाओं के पीछे मौजूद ‘मास्टरमाइंड’ लोगों को पकड़ने के आदेश दिए हैं। अदालत ने डीजीपी को दो हफ्तों में विस्तृत रिपोर्ट दायर करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी, जिसमें डीजीपी को फिर हाजिर होना पड़ेगा।