नई दिल्ली : इजरायल और अमेरिकी हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में हर कोई परेशान है। अब उनके अंतिम संस्कार को लेकर भी अचानक आया फैसला चर्चा का विषय बन चुका है। शोक समारोह और सुपूर्दे खाक और सुपूर्दे खाक की तैयारियों को ईरान ने आखिरी समय में अगले आदेश तक टाल दिया है। वैसे तो ऑफिशियल तौर पर कहा गया है कि तैयारियां चल रही है परंतु अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सुपूर्दे खाक को अचानक रोकना पड़ गया।
सुरक्षा के पीछे हैं कई गंभीर कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सुरक्षा से जुड़ गंभीर कारण हो सकते हैं। खासतौर पर उस समय जब इजरायल की ओर से बेहद कड़ी चेतावनी दी गई है कि ईरानी शासन के द्वारा नियुक्त किया जाने वाला कोई भी नया नेता यदि इजरायल के खिलाफ आक्रामक नीति अपनाता है तो वह उसके निशाने पर होगा। ईरान के एक अधिकारी ने सरकारी टीवी के साथ बात में बताया है कि सुपुर्दे खाक की तैयारियां तेहरान में चल रही है और जैसे ही हालात अनुकूल होंगे। नए कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में खामेनेई के पार्थिव शरीर को रखने की व्यवस्था की जा रही है। यह वही विशाल परिसर है जहां ईरान के बड़े धार्मिक और राष्ट्रीय आयोजन होते रहे हैं। आम तौर पर ईरान में सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल होते हैं इसलिए सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर खास इंतजाम किए जाते हैं लेकिन इस बार हालात सामान्य नहीं हैं। ईरान और इजरायल के बीच में युद्ध अपने चरम पर है और यही कारण है कि अंतिम संस्कार को लेकर भी अभूतपूर्व सतर्कता बरती जा रही है।
इजरायल ने दी चेतावनी
इसी के बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज का बयान माहौल को और ज्यादा गंभीर बन गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि ईरानी शासन के द्वारा नियुक्त किया जाने वाला कोई भी नेता जो इजरायल को खत्म करने की योजना को आगे बढ़ाएगा। उसे निशाना बनाया जाएगा। काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि ईरानी शासन का कोई भी नया नेता जो इजरायल अमेरिका और क्षेत्र के देशों को धमकाने की कोशिश करेगा या ईरानी जनता को दबाएगा वह इजरायल के लिए साफ लक्ष्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उस नेता का नाम क्या है और वह कहां छिपा है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इजरायल की सेना को पहले ही हर तरह की कार्रवाई के लिए तैयार रहने का आदेश दिया जा चुका है। काटज ने बताया कि प्रधानमंत्री और उन्होंने मिलकर इजरायली रक्षा बलों को निर्देश दिए हैं कि वो हर संभव तरीके से मिशन को पूरा करने के लिए तैयार हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ रहा तनाव
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता युद्ध पूरे मध्य पूर्व के लिए चिंता का विषय बन गया है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ेगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही कि खामेनेई को सुपुर्दे खाक कब किया जाएगा। ईरान का नया सर्वोच्च नेता कोई बनेगा यह भी आने वाले दिनों में पता चल जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के लिए यह बहुत जरुरी माना जा रहा है। यदि ईरान जल्द ही नए नेता की घोषणा करेगा तो उसके बाद अंतिम संस्कार का कार्यक्रम तय हो सकता है। वहीं दूसरी ओर इजरायल की ओर से दी गई चेतावनियां यह संकेत दे रही हैं कि क्षेत्र में तनाव फिलहाल कम होने वाला नहीं है। वैसे तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में तैयारियां चल रही हैं और सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालत पर नजर रख रहे हैं।