लुधियाना। जिले के पॉश इलाके साउथ सिटी और नहर किनारे (NH-95A से NH-44 को जोड़ने वाली सड़क) पर बने अवैध निर्माणों पर अब सख्त कार्रवाई होने जा रही है। लुधियाना सिटीजन काउंसिल की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका (PIL No. 85 of 2024) के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है।
ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) ने 47 अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सूची जारी कर दी है और साफ कहा है कि अगर मालिकों ने खुद निर्माण नहीं हटाया तो विभाग उन्हें सील करेगा या गिरा देगा। कार्रवाई का पूरा खर्च संबंधित मालिकों से वसूला जाएगा।
हाईकोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट
हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए ग्लाडा ने बताया कि फिरोजपुर रोड से लाधोवाल रोड तक नहर के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे और निर्माण पाए गए हैं।
जांच के दौरान सामने आया कि 21 प्रतिष्ठानों ने निर्माण को नियमित (रेगुलराइज) कराने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन नियमों के अनुसार उनकी अर्जी खारिज कर दी गई। 3 प्रतिष्ठानों को पहले जारी किए गए सर्टिफिकेट भी रद्द कर दिए गए हैं। अब इन सभी पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।
इन 47 प्रतिष्ठानों पर होगी कार्रवाई
ग्लाडा के सर्वे में जिन प्रतिष्ठानों और प्रॉपर्टी डीलरों के नाम सामने आए हैं, उनमें कई दुकाने, रेस्टोरेंट, कैफे, प्रॉपर्टी ऑफिस, बैंक और अन्य व्यावसायिक संस्थान शामिल हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं
नूमी, सरताज स्वीट्स, सौनी सेंटर, विपन पूरी, विपिन पूरी, तनेजा प्रॉपर्टीज, रणजोध सिंह, जसलीन चौधरी, तनेजा प्रॉपर्टी एडवाइजर, जग्गी एस्टेट्स, भाग्य होम्स, गोयल प्लाई स्टोर, फार्च्यून लैंड डेवलपर्स, आरके वाइन्स, जुगनू, जे-9 (अर्बन वाइब्स), नीलाम प्रॉपर्टीज, ली एंट्रेज, द विंटर गार्डन, बबा चिकन, कैप्टेन रियल एस्टेट, रिगल प्रॉपर्टीज, Baskin Robbins, डीबीएन प्रॉपर्टीज, बेक फ्रेश, डे-नाइट 24/7, आरसी मेडिकेयर, सीएक्सवे सैलून एंड स्पा, कोठारी मार्बल्स (JIM & SPA), बेल्जियन वाफल, ऑल डे कॉफी कंपनी, तत्त्वम, इट न मीट, HDFC Bank, चावला एवी सॉल्यूशन, रनवीर लिखी डिजाइन, बसरा प्रॉपर्टीज, सुखमणि प्रॉपर्टीज, छब्बरा प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स, जसकरन देओल, Subway, ग्रीन हाउस कैफे, डेकोन गैलरी (बाइक स्टूडियो), एक्सटेसी (डांस स्टूडियो), जीरो कोर्टयार्ड (ओबरा रेस्टोबार, लीला सैलून), करण पूरी (DE KARTINOZ), चावला चिकन, तलवार प्रॉपर्टीज, क्लब-91 (स्नूकर, बाइक्स), जेएम क्रिएशंस (अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्शन), गार्डन ग्रिल (हॉट एन स्पाइसी) और रजनीश स्याल।
बिना नोटिस के होगी सख्त कार्रवाई
ग्लाडा अधिकारियों के अनुसार, Punjab Regional and Town Planning and Development Act, 1995 के तहत विभाग को अधिकार है कि वह अवैध निर्माणों पर सीधे कार्रवाई करे। चूंकि हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया जा चुका है, इसलिए अब किसी भी समय इन इमारतों को सील या ढहाने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इसके लिए अलग से नोटिस देने की आवश्यकता नहीं होगी।
इलाके में बढ़ी हलचल
इस कार्रवाई की खबर के बाद साउथ सिटी और नहर किनारे के इलाकों में हलचल तेज हो गई है। कई कारोबारी अपने दस्तावेज तैयार करने में जुट गए हैं, जबकि स्थानीय लोग प्रशासन की सख्ती को शहर की योजना और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं। आने वाले दिनों में यह कार्रवाई लुधियाना में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बड़ी मिसाल बन सकती है।