अमृतसरः जिले में रणजीत एवेन्यू थाना क्षेत्र में उस समय एक विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कैदियों को अदालत में पेश करने जा रही पुलिस की गाड़ी रास्ते में अचानक खराब हो गई। जानकारी के अनुसार, कैदियों का मेडिकल करवाने के बाद पुलिसकर्मी अदालत के लिए रवाना हो रहे थे तभी वाहन में तकनीकी खराबी आ गई और वह स्टार्ट नहीं हो सका। जिसके बाद पुलिस को हाथों पैरों में पड़ गई। जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
थाने की पुलिस दो आरोपियों को पेशी के लिए अमृतसर अदालत लेकर जा रही थी। हैरानी की बात यह रही कि जिस पुलिस वाहन में आरोपियों को ले जाया जा रहा था, वह रास्ते में कई जगह खराब होता रहा। इतना ही नहीं, वाहन पर न तो स्पष्ट नंबर प्लेट दिखाई दे रही थी और न ही पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध नजर आ रहे थे। जब मीडिया कर्मियों ने इस बारे में सवाल उठाए तो स्थिति और भी चौंकाने वाली बन गई। पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को ई-रिक्शा में बैठाकर अदालत पहुंचाने का फैसला किया।
एक ओर जहां आरोपी ई-रिक्शा में ले जाए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर पुलिस का आधिकारिक वाहन सड़क पर लावारिस हालत में खड़ा छोड़ दिया गया। यह घटना कई सवाल खड़े करती है। क्या जिन पर कानून लागू करवाने की जिम्मेदारी है, वे खुद नियमों की अनदेखी कर सकते हैं? यदि वाहन की स्थिति खराब थी तो पहले से उसकी जांच क्यों नहीं की गई? और सबसे बड़ा सवाल—क्या आरोपियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता किया गया? फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और आम जनता पुलिस की जवाबदेही को लेकर जवाब चाहती है।