नई दिल्लीः इरान और इजरायल में युद्ध लगातार जारी है। वहीं कुवैत के एयरस्पेस में अमेरिकी फाइटर जेट F-15 के क्रैश होने की खबर सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान के गिरने की परिस्थितियों को लेकर विभिन्न आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। इस हादसे के पीछे तकनीकी खराबी, ऑपरेशनल गलती या अन्य कारण हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मिली जानकारी के अनुसार जेट क्रैश होने के समय पायलट ने खुद को सुरक्षित इजेक्ट कर लिया। चश्मदीदों के मुताबिक एयरक्राफ्ट के जमीन पर टकराने से पहले पायलट विमान से बाहर निकल गया था जिससे उसकी जान बच गई।
अमेरिकी फा इ टर जेट क्रै श, पायलट ने खु द को किया इजेक्ट#USFighterJetCrash #FighterJetCrash #PilotEjected #AircraftCrash #BreakingNews #AirForceNews #AviationIncident #EmergencyLanding pic.twitter.com/sWO5q6lbAQ
— Encounter India (@Encounter_India) March 3, 2026
फिलहाल विमान के क्रैश होने की असल वजह का पता नहीं चल पाया है। F-15 स्ट्राइक ईगल एक बहुत एडवांस्ड फाइटर जेट है जिसका इस्तेमाल एयर सुपीरियरिटी और स्ट्राइक मिशन के लिए किया जाता है। इस घटना को लेकर यह चर्चा भी तेज हो रही है कि कहीं यह हादसा कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम की गलत पहचान का परिणाम तो नहीं है। पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, जो बैलिस्टिक मिसाइलों और दुश्मन विमानों को रोकने के लिए तैयार किया गया है, रेयर मामलों में अपने रडार और IFF (पहचान दोस्त या दुश्मन) सिस्टम में गलतफहमी पैदा कर सकता है।
इस सिस्टम में कमजोरियां या संचार बाधाएं फ्रेंडली एयरक्राफ्ट को भी दुश्मन समझने का कारण बन सकती हैं। दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 3 सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा 5 सैनिक घायल हुए हैं। ये सैनिक कुवैत में रसद इकाई का हिस्सा थे। इसके अलावा ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मध्य पूर्व में स्थित 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है, जिसमें कतर, बहरीन और यूएई के बेस शामिल हैं।
हालांकि इन हमलों में कितना नुकसान हुआ है फिलहाल ये पता नहीं चल पाया है। चीनी एनालिस्ट ने अमेरिका के कम हताहतों और नुकसान के दावों पर सवाल उठाया है। चीनी पत्रकार हू जिंग ने दावा किया है कि शीत युद्ध के बाद से अमेरिका के ऊपर हुए हमलों में ये सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। वहीं ईरान ने दावा किया है कि संघर्ष के दौरान अमेरिकी नौसेना के कुछ जहाजों को निशाना बनाया गया है लेकिन अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है। स्वतंत्र स्रोतों से भी इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।