लुधियानाः खाड़ी देशों में पिछले दो दिनों से ईरान और इज़राइल के बीच चल रही जंग में आज सुबह ईरान के सुप्रीम धार्मिक नेता अयातुल्ला खामेनेई एक एयर स्ट्राइक में शहीद हो गए। इस खबर से पूरी दुनिया के मुसलमानों में गुस्सा है। आज बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय ने पंजाब के धार्मिक केंद्र जामा मस्जिद के बाहर इज़राइल सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और अपने प्रधानमंत्री नेतन्याहू का पुतला जलाया। इस मौके पर जामा मस्जिद में दोपहर की नमाज़ के बाद अयातुल्ला खामेनेई की शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए एक खास नमाज़ भी पढ़ी गई।
शोक सभा को संबोधित करते हुए मजलिस अहरार इस्लाम हिंद और पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि यह इज़राइल और अमेरिका का सरकारी आतंकवाद है। दुनिया उनके ज़ुल्म के आगे चुप है क्योंकि इंसाफ़ मांगने वाले भी उनके ज़ुल्म के आगे बेबस हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई सिर्फ़ ईरान के ही नहीं बल्कि दुनिया भर के मुसलमानों के लीडर थे। हम सब उनकी शहादत को सलाम करते हैं और उनकी कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जाएगा। आने वाली पीढ़ियां गर्व से कह सकेंगी कि जब पूरी दुनिया के लीडरों ने इज़राइल और अमेरिका के आगे घुटने टेक दिए थे, उस समय एक बूढ़ा शेर अपनी आखिरी सांस तक दुश्मन से लड़ता रहा।
पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने मांग की कि भारत सरकार अयातुल्ला खामेनेई की शहादत के मौके पर इज़राइल और अमेरिका की इस आतंकी हरकत के खिलाफ UNO में अपना गुस्सा दर्ज कराए और ईरान के साथ अपने दशकों पुराने रिश्तों को देखते हुए राष्ट्रीय शोक मनाए। यह सही है कि लुधियाना जामा मस्जिद के बाहर जमा हुए लोग अयातुल्ला खामेनेई ज़िंदाबाद और इज़राइल मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे।