पंचकूला: पुलिस की ओर से सिविल अस्पताल सेक्टर-6 परिसर में यूपीएस बैटरियों को चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं। उनकी निशानदेही पर चोरीशुदा 36 बैटरियां बरामद हुई है।
इस बारे में राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान सेक्टर-6 पंचकूला से मिली शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-7 पंचकूला में 5 फरवरी को धारा 305, 331 (4) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया था। शिकायत में यह बताया गया है कि सिविल अस्पताल के परिसर में स्थित ऑफिस के यूपीएस से 120AH की अमरॉन कंपनी की बैटरियां 29 जनवरी से 1 फरवरी 2026 के बीच चोरी हो गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी दिनेश कुमार के दिशानिर्देश में एसएचओ थाना सेक्टर-7 इंस्पेक्टर राजेश जाखड़ के नेतृत्व में मुख्य सिपाही अमनदीप सिंह की टीम ने शुरुआती जांच और गुप्त सूचना के आधार पर दिनांक 14 फरवरी को आरोपी सन्नी पुत्र नरेश कुमार निवासी गांव किवाना, जिला पानीपत (हाल निवासी कमांड अस्पताल चंडीमंदिर, पंचकूला) को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह बताया है कि उसने चोरी की गई बैटरियां मोहन नाम के कबाड़ी को बेच दी थी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने मोहन पुत्र मनी राम निवासी गांव सिंधनी जिला सुल्तानपुर (यू.पी), (हाल निवासी मोली जागरा चंडीगढ़) को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके अलावा अभियोग में धारा 317 (2) बीएनएस जोड़ी गई। आरोपी मोहन के खुलासे के आधार पर 16 फरवरी को एमडीसी पंचकूला क्षेत्र में झाड़ियों से चोरी की हुई 36 बैटरियां बरामद की है। दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
वहां पर उन्हें 1-1 दिन के पुलिस रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया तथा आरोपी सन्नी के खिलाफ पहले ही चोरी का मामला दर्ज है। मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने कहा कि पंचकूला पुलिस अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है।
सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना ही हमारी प्राथमिकता है। इस मामले में तुरंत कार्रवाई करके आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया तथा चोरी की गई संपत्ति बरामद की गई। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसे ही अपराधों पर सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी।
पंचकूला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराध पर अच्छे से नियंत्रण रखा जा सके।