नई दिल्ली: उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल से खुल जाएंगे। इसकी ऑफिशियल घोषणा शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विधि-विधान के साथ हुई है। घोषणा के बाद से ही भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर समिति के अनुसार, 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे शुभ वृष लग्न में कपाट खोलेंगे। इसी के साथ 6 महीने तक चलने वाली केदारनाथ यात्रा की शुरुआत हो जाएगी।
मुख्य पुजारी ने ली जिम्मेदारी
इस साल टी गंगाधार लिंग को बाबा केदारनाथ धाम में मुख्य पुजारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। परंपरा के अनुसार, पूजा अर्चना दक्षिण भारत के रावल पुजारियों के द्वारा ही की जाती है। श्रद्धालु अब बाबा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन शुरु हो चुके हैं। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के एक दिन बाद बद्रीनात मंदिर के द्वार 23 अप्रैल को ब्रह्मामुहूर्त में सबुह 6:15 पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस शुभ तिथि की घोषणा करने से पहले ही वसंत पंचमी के मौके पर अवसर पर कर दी गई थी।
बदरीनाथ धाम की तय हुई तिथि
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के एक दिन बाद बद्रीनाथ मंदिर के द्वार 23 अप्रैल को ब्रहमामुहूर्त में सुबह 6:15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस शुभ तिथि की घोषणा से पहले ही वसंत पंचमी के मौके पर कर दी गई थी। इसके साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे हालांकि इन दोनों धामों के सटीक शुभ मुहूर्त की जानकारी मंदिर समिति के द्वारा आऩे वाले दिनों में अलग से सार्वजनिक कर दी जाएगी इसका श्रद्धालु बेसब्री के साथ इंतजार कर रहे हैं।
जोरों शोर पर चल रही तैयारियां
चार धाम यात्रा को लेकर सरकार और स्थानीय लोगों ने भी तैयारियां शुरु कर दी हैं। सड़कों की मरम्मत, सुरक्षा इंतजाम और पंजीकरण व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है। होटल और धर्मशालाओं में भी एडवांस बुकिंग शुरु हो चुकी है।
हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आते हैं। इस बार भी अच्छी संख्या में यात्रियों के पहुंचने की उम्मीद है। पहाड़ों में बर्फबारी कम होने और मौसम साफ करने की प्रार्थना के साथ भक्त बेसब्री के साथ बाबा केदारानथ में दर्शन का इंतजार कर रहे हैं।