अमृतसर। कांग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद एक बार फिर नवजोत कौर सिद्धू द्वारा किए गए ट्वीट के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। इस ट्वीट के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वहीं, कांग्रेस MP गुरजीत सिंह औजला ने इस मामले को लेकर मीडिया से बात करते हुए तीखा रिएक्शन दिया। औजला ने कहा कि आज देश को लूटने का फैसला लिया गया है, जिसका सीधा असर देश की युवा पीढ़ी पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और कनाडा के साथ डील करके देश का पूरा व्यापार विदेशी ताकतों को सौंपा जा रहा है। पहले चीन ने भारतीय बाजार में दखल दिया और अब भारत को बाजार बना दिया गया है।
औजला ने कहा कि पिछले चार साल से कांग्रेस लगातार सड़कों पर संघर्ष कर रही है, चाहे वह भारत जोड़ो यात्रा हो, भारत जोड़ो न्याय यात्रा हो या वोटिंग अधिकार यात्रा हो। कांग्रेस ने हमेशा लोगों के मुद्दे उठाए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने कभी पार्लियामेंट में आकर इन सवालों के जवाब नहीं दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे इंसान का मज़ाक उड़ाना बहुत दुख की बात है। सिद्धू परिवार के बारे में बात करते हुए गुरजीत औजला ने कहा कि उन्होंने हमेशा कहा है कि राहुल गांधी उनके भाई हैं और प्रियंका गांधी उनकी बहन हैं, और कांग्रेस से उन्हें कुछ मिले या न मिले, वे कभी पार्टी नहीं छोड़ेंगे। इसके बावजूद आज जो रुख अपनाया गया है, वह समझ से परे है।
जब BJP लगातार राहुल गांधी पर हमला कर रही है और भ्रष्टाचार के कोई ठोस सबूत नहीं हैं, उसी समय सिद्धू परिवार भी उन पर हमला कर रहा है, जिससे कई सवाल उठते हैं। औजला ने साफ किया कि पार्टी छोड़ना किसी की पर्सनल चॉइस हो सकती है, लेकिन कांग्रेस ने सिद्धू परिवार को कभी किसी चीज़ का मोहताज नहीं छोड़ा। नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रेसिडेंट बनाना अपने आप में एक बड़ी ज़िम्मेदारी थी। BJP और आम आदमी पार्टी दोनों पर निशाना साधते हुए औजला ने कहा कि अगर कोई मुख्यमंत्री बनना चाहता है, तो उसे अपनी अलग पार्टी बनानी चाहिए और टिकट बांटने चाहिए। औजला ने डॉ. मनमोहन सिंह को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जैसे महान नेता को उचित सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया, तो डॉ. मनमोहन सिंह को वह सम्मान क्यों नहीं मिला? क्या इसका कारण सिख होना था? किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए औजला ने कहा कि गलत कृषि कानूनों के कारण 700 से ज़्यादा किसान शहीद हुए।
प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी पड़ी, लेकिन आज भी पंजाब और किसानों को कोई साफ जवाब नहीं मिल रहा है। शहीद किसानों को बार-बार श्रद्धांजलि दी जाती है, लेकिन सरकार संसद में खड़े होकर जिम्मेदारी लेने से बचती रही है। गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले सभी नेताओं को पहले यह सोचना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी ने उनके और उनके परिवारों के लिए क्या किया है। कांग्रेस देश, किसानों, युवाओं और संविधान के साथ खड़ी थी और आगे भी खड़ी रहेगी।
