Pakistan Blast News: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जुमे की नमाज़ के समय एक मस्जिद में भयानक बम धमाका हुआ। इस धमाके में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। शुरुआती खबरों के मुताबिक 50 से ज्यादा लोगों की मौत की बात कही जा रही है, जबकि 130 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने फिलहाल सिर्फ 12 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है।
घायलों को तीन अस्पतालों में कराया गया भर्ती
धमाके में घायल हुए लोगों को तुरंत पास के तीन बड़े अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) सीडीए अस्पताल शामिल हैं। अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है और डॉक्टरों की टीमें लगातार इलाज में जुटी हुई हैं।
धमाके की तस्वीरें और वीडियो ने मचाई सनसनी
घटना के बाद सामने आई तस्वीरें और वीडियो बेहद डरावने हैं। तस्वीरों में मस्जिद के अंदर और आसपास शवों के अंग बिखरे हुए नजर आ रहे हैं। वहीं वायरल वीडियो में लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिख रहे हैं।
आत्मघाती हमले की आशंका
प्रारंभिक जांच में इस धमाके को आत्मघाती हमला बताया जा रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस और सेना की टीमों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं।
कैसे हुआ हमला?
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए लोग दोपहर करीब 1 बजे से जमा होने लगे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति मस्जिद के अंदर प्रवेश करना चाहता था। जब सुरक्षा गार्ड्स ने उसे गेट पर रोका और तलाशी लेने लगे, तभी उसने खुद को बम से उड़ा लिया। धमाका इतना तेज था कि मस्जिद के आसपास भी भारी नुकसान हुआ।
शिया समुदाय की मशहूर मस्जिद को बनाया गया निशाना
यह धमाका तारलाई इलाके की कसर-ए-खदीजतुल कुबरा मस्जिद में हुआ, जिसे इस्लामाबाद की बड़ी और मशहूर मस्जिदों में गिना जाता है। यह मस्जिद शिया समुदाय से जुड़ी हुई है। पाकिस्तान में शिया समुदाय की आबादी करीब 2 करोड़ है, जो देश की कुल आबादी का लगभग 10 से 12 प्रतिशत है।
पूरे इस्लामाबाद में इमरजेंसी लागू
धमाके के बाद सुरक्षा को देखते हुए इस्लामाबाद में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
नवंबर 2025 के बाद दूसरा बड़ा हमला
नवंबर 2025 के बाद इस्लामाबाद में यह दूसरा बड़ा धमाका है। इससे पहले नवंबर 2025 में इस्लामाबाद कोर्ट के बाहर एक विस्फोट हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत हुई थी और 36 लोग घायल हुए थे। उस हमले की जिम्मेदारी भी तहरीक-ए-तालिबान ने ली थी।
