पार्टी हाईकमान से चल रही बात, हम नहीं देंगे चोरों का साथ
अमृतसरः पंजाब कांग्रेस में लगातार सियासी भूचाल आया हुआ है। दरअसल, नवजोत कौर सिद्धू द्वारा लगातार कांग्रेस नेताओं पर तंज कसे जा रहे है। हालांकि बीते दिन पार्टी ने नवजोत कौर सिद्धू को सस्पेंड कर दिया था। वहीं सासंद सुखजिंदर रंधावा पर गैंगस्टरों से लिंक और राजस्थान चुनाव में टिकट बेचने के आरोप को लेकर रंधावा ने सिद्धू को लीगल नोटिस भेजा है। जिसमें कहा गया हैकि नवजोत कौर सिद्धू इस मामले में या तो माफी मांगे नहीं तो 7 दिनों में जवाब दें। ऐसा ना करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर नवजोत कौर सिद्धू एक बार फिर मीडिया के सामने आई है, जहां उन्होंने सस्पेंड किए जाने को लेकर कहा कि इस नोटिस की कोई मान्यता नहीं है। इसमें कोई टाइम नहीं लिखा हुआ, ऐसे नोटिस बहुत निकलते है। राणा गुरजीत सिंह भी इस नोटिस के साथ चल रहे है। मेरी पार्टी हाईकमान से बात चल रही है। हमारी शर्त है कि हम चोरों का साथ नहीं देंगे। पंजाब में कांग्रेस को 4 से 5 लोग तबाह करने की कोशिश कर रहे है।
ऐसे में अगर हाईकमान उन्हें हटाने के लिए तैयार है तो वह उसके बाद आगे के बारे में विचार करेंगे। गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के पास वह चार मुद्दे लेकर गई थी, जिसमें पंजाब यूनिवर्सिटी का मुद्दा हल हो गया। वहीं 500 करोड़ के मामले को लेकर कहाकि हमसे किसी ने कभी पैसे नहीं मांगे। नवजोत सिद्धू के सीएम पद को लेकर कहा कि लोगों की मांग थी कि वह सीएम बनें, लेकिन उनका कहना है कि सीएम बनने के लिए 500 करोड़ रुपए चाहिए जो कि उनके पास नहीं है। हमारे पास कोई ब्लैक मनी नहीं है, चाहे इस मामले में ईडी की रेड हमारे घर करवा ली जाए।
सुखजिंदर रंधावा को लेकर कहा कि रंधावा के नोटिस का जवाब अभी उन्हें देना है और वह जल्द इसका जवाब देंगी। सिद्धू ने रंधावा पर आरोप लगाया है कि वह अपनी पत्नी को जीता नहीं सका और उसने फार्म लैंडस कैसे बना लिए। जिसके वह पांव छूता था उसके पीठ पर छुरा घोंपा है। राजस्थान में टिकटे बेचने के आरोप पर सिद्धू ने कहाकि कुछ सबूत पेश किए है और वह अन्य सबूत भी पेश कर देंगी। वहीं सस्पेंड होने को लेकर सिद्धू ने कहा कि उन्हें हाईकमान से पूरा सपोर्ट मिल रहा है। सिद्धू का दावा है कि 70 प्रतिशत कांग्रेस उनके समर्थन में है।