तेजस्वी गिरफ्तारी मामले में जल्द पुलिस को करेंगा चैलेंज
जालंधर, ENS: गुलाब देवी अस्पताल में बीते दिन पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया म्यूजियम का उद्धघाटन करने पहुंचे। जालंधर दौरे पर पहुंचे गवर्नर से पंजाब बचाओ मोर्चा का अध्यक्ष तेजस्वी मिन्हास ने मुलाकात की और उन्हें चर्च मामले को लेकर मांग पत्र दिया। मैंने जालंधर में जो धरना लगाया था, उसमें पुलिस ने धक्का किया है। इसका मामला भी उनके ध्यान में लाया गया। जालंधर पुलिस ने मुझे धक्के से अरेस्ट किया था। मुझे कोर्ट से बेल लेनी पड़ी। जालंधर पुलिस ने मेरी अरेस्ट के मामले में मेरे फंडामेंटल राइट का उल्लंन किया है। इस पर राज्यपाल ने कहा कि पंजाब पुलिस को जिम्मेदारी से काम करने की जरूरत है। तेजस्वी मिन्हास ने आरोप लगाया कि उन्होंने राज्यपाल को मेमोरेंडम भी दिया है, उसमें वह गौरव मसीह के अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन बनाए जाने के भी खिलाफ है।
इससे पहले एक मुस्लिम चेयरमैन थे। उनको उनके पद से कानून के मुताबिक नहीं हटाया गया। पुलिस ने 26 नवबंर को मेरे खिलाफ पर्चा दिया था। इसके 11 दिन बाद मुझे अरेस्ट किया गया। कोर्ट ने भी जालंधर पुलिस से यही पूछा कि इससे पहले क्या आप सोए हुए थे। अब अरेस्ट करने की याद क्यों आई। हम पुलिस की अरेस्ट को भी चैलेंज करेंगे। गवर्नर को दिए गए मेमोरेंडम में तेजस्वी मिन्हास ने चर्च के जतिंदर मसीह को लेकर गंभीर आरोप लगाए है। उनका कहना है कि जतिंदर मसील जन्म से ईसाई नहीं है और उनकी चर्च में नियुक्ति भी गलत है। तेजस्वी मिन्हास ने मेमोरेंडम देकर कहा कि हमारा संगठन धोखाधड़ी, लालच या जबरदस्ती किए जाने वाले अवैध धर्म परिवर्तन का विरोध करता है।
हम आपके ध्यान में लाना चाहते हैं कि पंजाब राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में जतिंदर गौरव मसीह की नियुक्ति में कानून का उल्लंघन हुआ है। पंजाब राज्य अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए की गई थी। गौरव मसीह की नियुक्ति राजनीतिक दबाव में की गई है। जतिंदर मसीह गौरव की अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति को राज्य सरकार ने अगस्त 2025 से मंजूरी दी थी। यह नियुक्ति केवल राजनीतिक है, कानून के अनुसार नियुक्ति नहीं की गई है। इसके साथ ही जतिंदर गौरव मसीह जन्म से ईसाई नहीं हैं। वह हिंदू धर्म और अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित हैं।
मेमोरेंडम में आरोप लगाया गया है कि गौरव मसीह के बच्चों को भी अमृतसर के अलेक्जेंड्रा स्कूल में अनुसूचित जाति श्रेणी के तहत प्रवेश मिला है। हिंदू धर्म से ईसाई धर्म अपनाने के संबंध में भी इनका कोई रिकॉर्ड नहीं है। आरोप लगाकर सवाल उठाया गया है कि जतिंदर गौरव मसीह 8वीं पास हैं। उन्हें 10वीं पास का सर्टिफिकेट कहां से मिला, इसकी भी जांच होनी चाहिए। जतिंदर गौरव मसीह के खिलाफ पुलिस थाना अमृतसर में आपराधिक रिकॉर्ड है। पंजाब सरकार ने जतिंदर गौरव मसीह को अध्यक्ष नियुक्त करने में कई अनियमितताएं बरती हैं। नियुक्ति के संबंध में विज्ञापन नहीं दिया गया। जतिंदर गौरव मसीह का इंटरव्यू लेने के लिए सही व्यक्ति को नहीं बुलाया गया।
जतिंदर गौरव मसीह के खिलाफ ये भी शिकायत दर्ज है कि उसने पंजाब पुलिस के प्रतीक चिह्न का मिसयूज किया था। बत्ती लगी गाड़ी का भी इस्तेमाल किया है। तेजस्वी मिन्हास ने आरोप लगाया कि गौरव मसीह पंजाब राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में जरूरी शर्तों को पूरा नहीं करता। ये भी आरोप लगाया गया है कि जतिंदर गौरव मसीह पास्टर अंकुर नरूला का राइट हैंड है। जतिंदर गौरव मसीह को ईसाई समुदाय का सच्चा प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता है। जतिंदर गौरव मसीह ने जैन धर्म, बौद्ध धर्म या यहां तक कि ईसाइयों के लिए कुछ भी नहीं किया है।
उनका ध्यान चर्च ऑफ साइंस एंड वंडर्स के विकास पर है । उनका काम पूरी तरह से पक्षपाती है और अन्य अल्पसंख्यकों के मूल हितों के लिए घातक है। मिन्हास ने गवर्नर को सौंपे मांगपत्र में मांग की है कि पंजाब राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में जतिंदर गौरव मसीह को तत्काल बर्खास्त करने का आदेश देने और भविष्य की सभी नियुक्तियों में उचित प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए सख्त निर्देश जारी किया जाए।
इस मामले में गौरव मसीह से संपर्क करना चाहा लेकिन हो नहीं पाया। यदि वह अपना पक्ष रखना चाहते है तो उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।