गुरदासपुरः बटाला में देर रात विजिलेंस विभाग की टीम ने नगर निगम बटाला के एसडीएम की सरकारी आवास पर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया था। दरअसल, देर रात विजिलेंस विभाग ने एसडीएम बटाला के घर रेड की थी। इस दौरान विजिलेंस ने एसडीएम को 50 हज़ार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। वहीं विजिलेंस को घर से करीब 14 लाख रुपए नकद भी बरामद की गई थी। आज एसडीएम बटाला विक्रमजीत सिंह, जिनके पास नगर निगम बटाला का भी चार्ज है, को विजिलेंस विभाग ने माननीय कोर्ट में पेश किया।
इस दौरान जानकारी देते हुए विजिलेंस विभाग के अधिकारी इंदरजीत सिंह ने बताया कि रात के समय जब रेड की गई तो उस समय 50 हज़ार का ट्रैप लगा हुआ था, लेकिन रेड के दौरान तलाशी में घर से लगभग 13,50,000 लाख रुपए नकद और ठेकेदारों के चेक भी मिले। उन्होंने कहा कि यह पूरी जांच का विषय है कि ये पैसे कहां से आए। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि माननीय कोर्ट ने तीन दिन का और रिमांड दिया है, जिसके दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
बता देंकि शिकायतकर्ता अमरपाल सिंह पुत्र गुरदियाल सिंह निवासी बीको कॉम्प्लेक्स, बटाला, जिला गुरदासपुर ने बताया कि उसने नगर निगम बटाला में सड़कों के पैच वर्क और मुरम्मत का काम किया था। जिसके 1,87,483 रुपये और 1,85,369 रुपये (कुल राशि 3,72,852 रुपये) के दो बिल बनाए गए थे। जब वह नगर निगम बटाला जाकर कमिशनर से मिला तो उसने बताया कि उक्त भुगतान प्राप्त करने के लिए उसे बिलों की 10% यानी 37,000 रुपये रिश्वत के रूप में देने होंगे और इस संबंध में उसे एसडीओ रोहित उप्पल से मिलना चाहिए। बाद में उसने बटाला में एक लाइट एंड साउंड शो के लिए कैमरा और अन्य संबंधित काम भी किए, जिनके लिए 1,81,543 रुपये बकाया थे। इस प्रकार कुल लगभग 5,54,395 रुपये बकाया थे।
उक्त भुगतान संबंधी जब वह एसडीओ रोहित उप्पल से मिला तो उन्होंने कहा कि कमिश्नर के आदेशों का पालन करना होगा। कमिश्नर, नगर निगम बटाला से मिलने पर वह बकाया रकम जारी करवाने के लिए 9% रिश्वत लेने के लिए सहमत हो गया। शिकायतकर्ता रिश्वत दे कर अपना काम नहीं कराना चाहता था, इसलिए वह विजिलेंस ब्यूरो यूनिट गुरदासपुर के कार्यालय में पहुंचा और रिश्वत के रूप में रखे जाने वाले 50,000 रुपये पेश किए तथा विजिलेंस ब्यूरो यूनिट गुरदासपुर में अपना बयान दर्ज करवाया।
इसके बाद उक्त आरोपी कमिश्नर, नगर निगम, बटाला के विरुद्ध उक्त मामले की एफ.आई.आर. दर्ज की गई। विजिलेंस से मिली जानकारी के अनुसार कमिश्नर विक्रमजीत सिंह पांथे को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जांच अधिकारी ने 50,000/- रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। और तलाशी लेने पर 13,50,000/- रुपये की बेहिसाब रकम भी बरामद की गई।