हजारों भक्तों ने सामूहिक रूप से बीबीएन के घाटों पर की पूजा अर्चना
बद्दी/सचिन बैंसल:सनातन धर्म में संतान के होने पर छठे दिन छठी मैया की पूजा-अर्चना करने का विधान है, जिससे बालक को दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठी मैया (षष्ठी देवी) भगवान सूर्य की बहन हैं, इसलिए छठ पूजा में सूर्य देव की उपासना के साथ-साथ छठी मैया की भी पूजा की जाती है। छठ पूजा में, सूर्य को अर्घ्य देकर भक्त छठी मैया की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, जो संतान सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए माना जाता है।
बद्दी में बाल्द नदी के किनारे सनसिटी रोड पर व सरसा नदी बद्दी शीतलपुर पुल के समीप विशाल पंडाल में हजारों भक्तों ने एक साथ डूबते हुए सूर्य को अर्घ दिया तथा अपने परिवार के सुख, स्वास्थ्य की प्रार्थना की! इस बार छठ पर्व पर हर वर्ष एक ही स्थान पर ज्यादा संख्या होने के कारण नदी के दोनों ओर दो बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैँ जिससे कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धांलुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो! सांस्कृतिक समारोह को यादगार बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कलाकार हिस्सा ले रहे हैँ!