अमृतसरः जिले के गुरुद्वारा पंगा साहिब के निकट बड़े मैदान में दिवाली और बंधी छोड़ दिवस के अगले दिन निहंग सिखों द्वारा शानदार मार्च निकाला गया। इस अवसर पर विभिन्न निहंग संप्रदायों के सिख बड़ी संख्या में एकत्र हुए और अपने योद्धा जोश तथा सिख विरासत दिखाया गया। इस दौरान निहंग सिखों ने घुड़सवारी, तलवारबाज़ी और गतका के आकर्षक करतब दिखाए गए। जिन्हें देखने के लिए भारी संख्या में संगत पहुंची।
नीले बने और ऊंचे दमाले पहनकर आए सिखों ने खालसा पंथ की शौर्य परंपरा और धार्मिक रिवाज़ों की जीवंत झलक पेश की गई। इस अवसर पर गुरबानी कीर्तन, अरदास और नगाड़े बजाकर शुरुआत की गई। आयोजकों ने बताया कि हर साल बंधी छोड़ दिवस के अगले दिन इस तरह का प्रोग्राम आयोजित किया जाता है।
जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को सिख इतिहास और योद्धा विरासत से जोड़ना है। इस दौरान संगतों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई और विभिन्न धार्मिक तथा सामाजिक संस्थाओं ने भी भागीदारी निभाई। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए और मौके पर आए लोगों ने अत्यंत प्रेरणादायक और आत्मिक अनुभव बताया।