नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं में दीवाली का उत्साह लगातार दिख रहा है। ऐसे में इस साल भी अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड टूट गया है। जनवरी से जून 2025 तक 23 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओ दर्शन के लिए पहुंचे हैं। अभी भी दीपोत्सव महोत्सव के दौरान ये संख्या अभी और भी बढ़ सकती ह। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने खास इंतजाम भी किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को कहीं भी दिक्कत न हो। दीपोत्सव महोतस्व में भी सरयू नदी के 56 घाटों पर 28 लाख दीए प्रजव्वलित किए जाएंगे। इस तरह दीपोत्सव से माहौल और भी अच्छा हो जाएगा।
2017 से चल रहा है दीपोत्सव
अयोध्या में दीपोत्सव 2017 से शुरु हुआ है। इस दौरान यहां पर 1,78,32,717 भारतीय और 25,141 विदेशी पर्यटक पहुंचे। ऐसे ही साल 2017 में कुल 1,78,57,858, श्रद्धालुओं ने रामनगरी में आकर दर्शन पूजा की। दीपोत्सव के दूसरे साल 2018 में 1,95,34,824 भारतीय और 28,335 विदेशी नागरिकों ने रामनगरी में दर्शन किया। कुल मिलाकर 1,95,63,159 लोगों ने साल 2018 में अयोध्या में दर्शन पूजन किया। साल 2019 में 2,04,63,403 भारतीय और 38,321 विदेशी मिलकर कुल 2,04,91,724 श्रद्धालुओं ने अयोध्या में दर्शन किए
साल 2020 में कोरोना के कारण पर्यटकों की संख्या में कमी मिली थी। इस साल 61,93,537 भारतीय और 2611 विदेशी मिलाकर कुल 61,96,148 सैलानी अयोध्या में पहुंचे। साल 2021 में 1,57,43,359 भारतीय और 31 विदेशी पर्यटकों ने अयोध्या में दर्शन पूजन किया। 2021 में कुल 1,57,43,390 श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन के लिए आए। 2022 में 2,39,09,014 भारतीय और 1465 विदेशी पर्यटक अयोध्या में दर्शन के लिए पहुंचे। कुल मिलाकर 2,39,10,479 पर्यटक अयोध्या दर्शन के लिए पहुंचे। 2023 में भारतीय 5,75,62,428 और 8468 विदेशी पर्यटक आए।
इस तरह कुल 5,75,70,896 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए पहुंचे। इसके बाद 2024 में 16,43,93,474 भारतीय और 26048 विदेशी श्रद्धालु आए। इस तरह कुल 16,44,19,522 लोगों ने अयोध्या दर्शन किए। 2025 में जनवरी से लेकर जून तक 23,81,64,744 भारतीय और 49,993 विदेशी समेत कुल 23,82,14,737 श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन के लिए पहुंचे।
सरयू नदी के घाट पर जलाए जाएंगे 28 लाख दीए
दोपोत्सव के दौरान रविवार यानी आज सरयू नदी के 56 घाटों पर 28 लाख दिए सजाए जाएंगे घाट संख्या 10 पर 80 हजार दीयों के साथ स्वास्तिक बनाया जाएगा। इसके लिए 33 हजार वालंटियर्स भी तैनात किए गए हैं। दीयों में तेल भरने के लिए सरसों के तेल की एक-एक बोतल दी गई है। सभी वालंटियर्स को सूती कपड़ों में आने के लिए निर्देश दिए गए हैं और बिना पहचान पत्र के किसी को भी एंट्री नहीं है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि हर घाट पर निर्धारित संख्या में कैंडल, माचिस और प्रज्वलन सामग्री उपलब्ध करवाई गई है। विश्ववि्दयालय की 2000 लोगों की टीम लगाई गई है।