असम: सीबीआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) के गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के कार्यकारी निदेशक और क्षेत्रीय अधिकारी मैसनम रितेन कुमार सिंह को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। तलाशी के दौरान 2.62 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए गए। सीबीआई ने इस मामले में कोलकाता स्थित कंपनी मोहन लाल जैन के प्रतिनिधि बिनोद कुमार जैन को भी गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर कार्रवाई की और उसी दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ लिया, जब रितेन कुमार सिंह रिश्वत की रकम स्वीकार कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने देशभर में आरोपी अधिकारी और उससे जुड़े लोगों के सात ठिकानों पर छापेमारी की। सीबीआई ने बयान जारी कर कहा कि तालाशी के दौरान 2 करोड़ 62 लाख रुपये नकद, 9 जमीनों के दस्तावेज, 20 फ्लैट्स और कई लग्जरी वाहनों के कागजात मिले।
ये सभी संपत्तियां रितेन कुमार सिंह और उनके परिजनों के नाम पर दर्ज हैं। बयान में कहा गया है कि सिंह ने एक निजी कंपनी से अन्य ठेकों के अलावा, असम में डेमो से मोरन बाईपास के अंत तक राष्ट्रीय राजमार्ग-37 के चार लेन के निर्माण कार्य के लिए अनुकूल समय विस्तार (EOT) और पूर्णता प्रमाण पत्र देने के बदले में कथित तौर पर रिश्वत की मांग की थी।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को आज गुवाहाटी स्थित सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि पूरे भारत में विभिन्न स्थानों पर आरोपियों के सात कार्यालय और आवासीय परिसरों की तलाशी ली गई। उन्होंने कहा कि आरोपी लोक सेवक की चल-अचल संपत्तियों का सत्यापन जारी है।