नई दिल्ली: नोबेल समिति की ओर से आज रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गई। साल 2025 के लिए रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज से सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन और उमर यागी को रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार के साथ सम्मानित किया है। इन तीनों वैज्ञानिकों को धातु-कार्बनिक ढांचे के विकास (डेवलपमेंट ऑफ मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क) के लिए कैमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार देने का फैसला किया गया है। इस साल ये पुरस्कार जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों को सम्मिलित रुप से दिया गया है।
MOF की खोज
इन्होंने ऐसे एटम बनाए हैं जिनमें बड़े-बड़े खाली हिस्से होते हैं। इनसे गैस और अन्य रासायनिक पदार्थ आसानी से गुजर सकते हैं। इन संरचनाओं को मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवकर्स (MOF) कहते हैं। इनमें इस तरह के क्रिस्टल बनते हैं जिनमें बड़े खाली हिस्से होते हैं। ये खास तरह से डिजाइन किए जा सकते हैं ताकि वे किसी खास चीज को कैप्चर कर पाएं। या स्टोर कर पाएं। इनका इस्तेमाल रेगिस्तानी हवा से पानी इकट्ठा करने, प्रदूषण हटाने, कार्बन डाइऑक्साइड को साफ करने, जहरीली गैसों को स्टोर करने या रासायनिक क्रियाओं को तेज करने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
BREAKING NEWS
The Royal Swedish Academy of Sciences has decided to award the 2025 #NobelPrize in Chemistry to Susumu Kitagawa, Richard Robson and Omar M. Yaghi “for the development of metal–organic frameworks.” pic.twitter.com/IRrV57ObD6— The Nobel Prize (@NobelPrize) October 8, 2025
मेडिसिन और फिजिक्स में भी मिले नोबेल पुरस्कार
इससे पहले सोमवार 6 अक्टूबर को नोबेल पुरस्कारों का ऐलान शुरु हुआ था। सोमवार को मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार वैज्ञानिक मैरी ई. ब्रुनको, फ्रेड रामस्डेल और शिमोन सकागुची को मिला था। वहीं मंगलवार को फिजिक्स के नोबेल तीन अमेरिकी वैज्ञानिकों जॉन क्लार्क, मिशेल टनलिंग और ऊर्जा क्वांटाइजेशन की खोज के लिए दिया गया है। इसके बाद साहित्य, अर्थशास्त्र और शांति के नोबेल की घोषणा भी आने वाले दिनों में की जाएगी।
वैज्ञानिकों को दी जाएगी इनाम राशि
कैमिकल का नोबेल पुरस्कार रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ सांइसेज के द्वारा हर साल रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट खोजों के लिए दिया जाता है। नोबेल प्राप्त करने वाले वैज्ञानिकों को इनाम के तौर पर कुल 11 मिलियन स्वीडिश क्राउन (यानी की 12 मिलियन) डॉलर की राशि सम्मान के तौर पर दी जाती है। इसके साथ ही एक जैसी खोज के लिए एक से ज्यादा वैज्ञानिकों को साझेदारी में नोबेल प्राइज मिलता है तो ऐसी स्थिति में पुरस्कार राशि सभी में बांट दी जाती है।