नई दिल्ली: साल 2025 के नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है। मैरी ई. बंक्रॉ, फ्रेड राम्सडेल और शिमोन साकागुची को चिकित्सा क्षेत्र के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। इन्हें यह प्राइज पेरीफेरल इम्यून टॉलरेंस के क्षेत्र में की गई रिसर्च के लिए दिया गया है। इन तीनों वैज्ञानिकों की खोज से यह पता चलता है कि इंसान के शरीर में रेगुलेटरी टी सेल्स होते हैं। ये इम्यून सिस्टम को अपनी ही अंगों पर हमला करने से रोकते हैं। इस खोज से ऑटोइम्यून डिजीज के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
कैंसर-ऑटोइम्यून रोगों के इलाज में मिलेगी मदद
बंक्रॉ, राम्सडेल और साकागुची ने इस प्रक्रिया को समझने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने इम्यून सिस्टम के सुरक्षा गार्ड यानी की रेगुलेटी टी सेल्स की पहचान की ताकि यह इम्यून सेल इंसान के शरीर पर हमला न कर पाएं। इसके आधार पर कैंसर और ऑटोइम्यून रोगों का इलाज ढूंढा जा रहा है। इसके अलावा इन खोजों की मदद से ऑर्गेन ट्रांसप्लांटेशन में भी मदद मिल रही है। इसके अलावा कई इलाज अब क्लिनिकल ट्रायल से भी गुजर रहे हैं।
BREAKING NEWS
The 2025 #NobelPrize in Physiology or Medicine has been awarded to Mary E. Brunkow, Fred Ramsdell and Shimon Sakaguchi “for their discoveries concerning peripheral immune tolerance.” pic.twitter.com/nhjxJSoZEr— The Nobel Prize (@NobelPrize) October 6, 2025
2024 में इन लोगों को दिया गया था पुरस्कार
चिकित्सा के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार को ऑफिशियल तौर पर फिजियोलॉजी या मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार कहते हैं। यह सम्मान 1901 से 2024 के बीच 115 पर 229 नोबेल पुरस्कार विजेताओं को दिया जा चुका है। पिछले साल का पुरस्कार अमेरिकी नागरिक विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को सूक्ष्म आरएनए की खोज के लिए दिया गया था।
10 दिसंबर को दिया जाएगा पुरस्कार
मंगलवार को भौतिकी, बुधवार को रसायन विज्ञान और वीरवार को साहित्य के नोबेल पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की जाएगी। नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार को अर्थशास्त्र में नोबेल मेमोरियल पुरस्कार की घोषणा 13 अक्टूबर को की जाएगी। पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर को आयोजित होगा। इसी दिन इन पुरस्कारों की स्थापना करने वाले अलफ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि है। नोबेल एक संपन्न स्वीडिश उद्योगपति और डायनामाइट के आविष्कारक थे। उनका निधन 1896 में हुआ था।
तीनों पुरस्कार विजेता को 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में 9 करोड़ रुपये, गोल्ड मेडल और सर्टिफिकेट इनाम के तौर पर दिए जाएंगे।