उत्तर प्रदेशः बकरी चराने के विवाद ने एक महिला की जान ले ली। घटना कानपुर जिले की है। मृतका रानी देवी की बेटी और परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पहली बार जब मारपीट हुई थी, उस समय पुलिस ने शिकायत लिखने से इनकार कर दिया और इलाज कराने की सलाह देकर लौटा दिया। यदि रिपोर्ट दर्ज कर ली जाती तो दोबारा हमला न होता और महिला की जान बचाई जा सकती थी।
नरवल थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाली 55 साली की रानी देवी की दो बेटियां और पांच बेटे हैं। परिवार के अनुसार उनकी बकरी चराने को लेकर पड़ोसी सत्यम से कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट में रानी देवी घायल हो गईं। बेटी मौसमी उन्हें लेकर थाने पहुंची, लेकिन वहां पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इलाज कराने के बाद जब परिवार घर लौटा तो अगले दिन सुबह सत्यम और उसके परिजनों ने दोबारा हमला किया। इस बार आरोपियों ने रानी देवी की इतनी बेरहमी से पिटाई की कि वो गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना से गुस्साए परिजनों ने शव को थाने के सामने रखकर पुलिस के खिलाफ हंगामा किया। मामले में एसीपी अभिषेक पांडे ने बताया कि शुरुआती झगड़े में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। इसके बाद जब महिला की मौत हुई तो उसे हत्या की धारा जोड़ी गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और शेष आरोपियों की तलाश जारी है।