श्रीनगरः लेह लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को आज गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ ये एक्शन लेह हिंसा के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हुआ है। दरअसल, लद्दाख में भड़की हिंसा पर चर्चा के लिए आज यानी 26 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय में एक अहम बैठक हुई। इस दौरान उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता के साथ भारतीय सेना और CRPF समेत सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारी और खुफिया अधिकारी भी नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में शामिल हुए।
केंद्र ने दावा किया है कि लेह में हिंसक विरोध प्रदर्शन ‘विदेशी ताकतों’ और बाहरी लोगों की एक ‘साजिश’ थी। यह घटनाक्रम लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और लेह में बंद के दौरान सुरक्षाकर्मियों के बीच व्यापक झड़पों में 4 लोगों की मौत के एक दिन बाद हुआ है। सरकार ने भीड़ की हिंसा के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है।
बताया जा रहा हैकि लेह में हिंसा स्थल पर 20 से ज़्यादा नेपाली नागरिक मौजूद थे। पुलिस को शक है कि लद्दाख में हुई हिंसा क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी। प्रदर्शनकारियों के समूह में शामिल दो नेपाली नागरिकों ने भी कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों पर हमला किया और उनमें से लगभग 60 को पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है। सोनम वांगचुक अपने संगठन के खातों में कई कथित विसंगतियों का पता चलने के बाद जांच एजेंसियों की नजर में हैं।
केंद्र का यह भी मानना है कि उनकी टिप्पणियों और भड़काऊ बयानों ने केंद्र शासित प्रदेश में हिंसा भड़काई होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वीरवार को वांगचुक द्वारा स्थापित स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का FCRA लाइसेंस ‘तत्काल प्रभाव’ से रद्द कर दिया था। मंत्रालय ने कहा कि स्वीडन से संगठन के खातों में धन हस्तांतरण जैसे कुछ लेन-देन ‘राष्ट्रीय हित’ के विरुद्ध थे।