जम्मू-कश्मीर: पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों के मददगार को उन्होंने गिरफ्तार कर लिया है। मोहम्मद युसूफ कटारिया नाम का आतंकी पुलिस ने पकड़ा है। यह आतंकी लश्कर-ए-तैयबा का एक्टिव सदस्य है।
जांच में यह सामने भी आया है कि कटारिया ने आतंकवादियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था और हमलों में योजना बनाने के लिए उनकी मदद की थी हालांकि वो बैसरन आतंकवादी हमले में सीधे तौर पर शामिल नहीं थी।
पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन महादेव के दौरान मिले हथियारों और बाकी सामानों की जांच करने के बाद उन्होंने यह गिरफ्तारी की है। हमारी जांच में पुष्टि हुई है कि आतंकवादियों की आवाजाही में मदद और सुविदा देने में कटारिया की खास भूमिका थी। अधिकारियों ने इस घटनाक्रम को दक्षिण कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है।
आतंकवादियों को दी थी जरुरी सामग्री
जम्मू-कश्मीर की पुलिस ने बताया कि कटारिया तक पहुंचने में रिवर्स इन्वेस्टिगेशन का सहारा लिया गया है। जांच टीम ने अलग-अलग सुरागों का विश्लेषण करके उसे ट्रैक किया और फिर गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि कटारिया ने आंतकवादियों को हथियार, राशन और बाकी जरुरी सामग्री मुहैया करवाई थी।
कटारिया के साथियों की पहचान करने और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नेटवर्क को तबाह करने के लिए आगे की जांच भी चल रही है। पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल को कमजोर करने और जम्मू-कश्मीर में शांति सुनिश्चित करने के लिए अभियान तेज करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
पहलगाम हमले में मारे गए थे 26 लोग
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में स्थित बैसरण घाटी में हुए खतरनाक आतंकी हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मोर्चे द रजिस्टेंट फ्रंट ने ली थी। इस हमले के बाद भारतीय सुरक्षाबलों के द्वारा ऑपरेशन महादेव के अंतर्गत कई आतंकियों को मार गिराया था। पहलगाम हमले के बाद पहले ही हफ्ते में चार आतंकवाद रोधी अभियान शुरु किए थे। इसमें ज्यादातर दक्षिण-कश्मीर के शोपियां और पुलवामा इलाके फोकस में रहे थे। मई के बीच में दो और ऑपरेशन किए गए जिसमें आक्रामक रणनीति अपनाई गई।