नई दिल्लीः Reliance AGM रिलायंस AI क्रांति की शुरूआत करने जा रहा है। दरअसल, इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने आज सालाना आम बैठक (AGM) में रिलायंस इंटेलिजेंस लॉन्च करने का ऐलान किया। जिससे भारत एआई हब बन जाएगा। यह कंपनी पूरी तरह रिलायंस की होगी और इसका मकसद भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाना है।
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Mukesh Ambani Launches Reliance Intelligence to Build India’s AI Future
रिलायंस ने गूगल क्लाउड के साथ AI पार्टनरशिप का ऐलान किया। इसके तहत जामनगर क्लाउड रीजन बनाया जाएगा, जो रिलायंस की ग्रीन एनर्जी से चलेगा और जियो की हाई-स्पीड नेटवर्किंग से जुड़ा होगा। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि यह सहयोग भारत की AI यात्रा को नई ऊंचाई देगा। रिलायंस और मेटा ने मिलकर एक जॉइंट वेंचर (JV) शुरू करने की घोषणा की। इसका मकसद भारतीय कंपनियों और छोटे कारोबारों को रेडी-टू-यूज AI टूल्स देना है। यह प्लेटफॉर्म मेटा के Llama मॉडल पर बेस्ड होगा और सेल्स, कस्टमर सर्विस, आईटी और फाइनेंस जैसे सेक्टरों को कवर करेगा।
इस जॉइंट वेंचर में 855 करोड़ रुपये (100 मिलियन डॉलर) का शुरुआती निवेश होगा। इसमें रिलायंस की हिस्सेदारी 70 फीसदी और मेटा की 30 फीसदी होगी। इस मौके पर मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो ने हर भारतीय तक डिजिटल क्रांति पहुंचाया, अब रिलायंस इंटेलिजेंस हर भारतीय तक AI पहुंचाएगा। रिलायंस इंटेलिजेंस 4 बड़े मिशनों पर काम करेगी। जिसमें AI इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल पार्टनरशिप, भारत के लिए AI सर्विसेज और टैलेंट इनक्यूबेशन शामिल होंगे।
जामनगर में ग्रीन एनर्जी से चलने वाले गीगावॉट-स्केल डेटा सेंटर बनेंगे, जो बड़े पैमाने पर AI ट्रेनिंग और इनफरेंस के लिए तैयार होंगे। गूगल और मेटा जैसे दिग्गजों के साथ मिलकर टेक्नोलॉजी और रिसर्च को भारत-फर्स्ट एप्रोच के साथ बढ़ावा दिया जाएगा। शिक्षा, हेल्थकेयर, कृषि और छोटे कारोबारों के लिए सस्ती और भरोसेमंद AI सॉल्यूशंस उपलब्ध कराए जाएंगे। भारत और दुनिया के रिसर्चर्स और इंजीनियर्स के लिए ऐसा प्लेटफॉर्म बनेगा, जहां आइडियाज को तेजी से प्रैक्टिकल सॉल्यूशन में बदला जा सके।