रांचीः पूर्व सीएम और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिशोम गुरू शिबू सोरेन का निधन हो गया। दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। लंबी बीमारी के बाद उन्होंने सोमवार को अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिता ने निधन की जानकारी एक्स पर दी। सोरेन एक महीने से ज्यादा समय से दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हैं। शिबू सोरेन (81) को जून के आखिरी सप्ताह में किडनी संबंधी समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मिली जानकारी के अनुसार पूर्व मंत्री की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था। जहां उनकी तबीयत और भी खराब हो गई। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। उनके किडनी में इंफेक्शन हो गई थी। उनको ब्रोंकाइटिस भी डिटेक्ट हुआ था, जिसके कारण उनका निधन हो गया। शिबू सोरेन की तबीयत खराब होने के बाद उनके बेटे सीएम हेमंत सोरेन और उनकी बहू कल्पना सोरेन भी दिल्ली पहुंची। उनके छोटे बेटे बसंत सोरेन भी दिल्ली में ही मौजूद हैं।
बीमारी की सूचना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार भी शिबू सोरेन से मिलने गंगाराम अस्पताल पहुंचे थे। गौरतलब हो कि शिबू सोरेन की झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में अहम भूमिका रही है। अलग राज्य बनने के बाद वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री भी रहे। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना की थी। वर्तमान में वे पार्टी के संरक्षक की भूमिका में थे। वे सात बार लोकसभा के सांसद भी चुने गए। 2004 में वे मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय कोयला मंत्री भी रहे।
शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन वर्तमान में झारखंड के मुख्यमंत्री हैं। वहीं उनकी बहू और हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन भी विधायक हैं। उनके छोटे बेटे बसंत सोरेन भी दुमका से विधायक हैं। वहीं उनके बड़े बेटे दुर्गा सोरेन का निधन हो चुका है। दुर्गा सोरेन की पत्नी सीता सोरेन वर्तमान में बीजेपी में शामिल हैं।1944 में शिबू सोरेन का जन्म रामगढ़ के नेमरा गांव में हुआ था। उनका पूरा जीवन आंदोलन में गुजरा। उनके निधन से पूरे झारखंड में शोक की लहर है।