अमृतसर: शहर के चांटीविंद इलाके में गौ मांस फैक्ट्री के में गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को अदालत में पेश किया। इस दौरान कोर्ट परिसर के बाहर शिव सेना और गौ रक्षक दल के नेताओं ने पुलिस के रवैये पर गहरा रोष जताया और कार्रवाई में ढिलाई के आरोप लगाए।
शिव सेना नेता जय गोपाल लाली और अधिवक्ता अनिल चीमा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गौ मांस की फैक्ट्री को पुलिस ने नहीं, बल्कि गौ रक्षक दल और शिव सेना ने खुद पकड़ी है। मौके पर मौजूद लोगों के बयानों को वीडियो में रिकॉर्ड भी किया गया था। इसके बावजूद, पुलिस ने कार्रवाई में गंभीरता नहीं दिखाई।
उन्होंने बताया कि अदालत में जब आरोपियों को पेश किया गया, तो पुलिस को केवल तीन दिन की रिमांड मिली थी, जिसमें खानापूर्ति के अलावा कुछ नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने वकीलों की टीम के जरिए अदालत में याचिका दायर कर पांच दिन की रिमांड की मांग की, जिसके बाद चार दिन की रिमांड मंजूर हुई। लेकिन, इस दौरान भी पुलिस ने न तो कोई ठोस पूछताछ की और न ही गौ मांस सप्लाई रैकेट के मुख्य आरोपी मोहम्मद इमरान को पकड़ने के लिए कोई रेड मारी।
नेताओं ने यह भी कहा कि यदि यह मामला नशे से जुड़ा होता तो पुलिस कई राज्यों में जाकर जांच करती, परंतु गौ हत्या जैसे संवेदनशील मुद्दे पर पुलिस का रवैया निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से इस केस को कमजोर किया जा रहा है। नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर गौ हत्या के खिलाफ सख्त कानून नहीं बनाया और इस केस में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो शिव सेना और गौ रक्षक दल मिलकर सड़क पर उतरकर जोरदार संघर्ष करेंगे।