झारखंडः जामताड़ा के दक्षिणबहाल जोरिया पर बना पुल गंभीर खतरे की स्थिति में पहुंच गया है। लगातार बारिश से पुल के चार पिलरों के नीचे की मिट्टी बहने से ये पिलर अब हवा में झूल रहे हैं। स्थिति को देखते विभाग और जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पुल से होकर चार पहिया और भारी वाहनों के आवाजाही पर रोक लगा दी है।
यह पुल चितरा, सारठ एवं देवघर से संपर्क का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन अब आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। यात्री व वाहन चालकों को अब 15-20 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर पसोई बाइपास होते हुए नेशनल हाइवे और साहिबगंज के रास्ते से देवघर जाना पड़ रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से पुल के दोनों ओर बैरियर लगाकर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दिया है। साथ ही चौबीस घंटे निगरानी के लिए चौकीदार की नियुक्ति भी कर दी गई है, ताकि कोई भी भारी वाहन पुल पर न चढ़ सके।
पथ निर्माण विभाग कार्यपालक अभियंता विक्की रवीश मुर्मू ने बताया कि दक्षिणबहाल जोरिया पर बनी पुलिया करीब 30 वर्ष पुरानी है। विभाग ने वर्ष 2018-19 में इसे पूरी तरह जर्जर घोषित कर दिया था और इसकी स्थिति को लेकर राज्य सरकार को रिपोर्ट भी भेजी गई थी। हालांकि, राज्य स्तर से अब तक पुल के पुनर्निर्माण या मरम्मत के लिए कोई स्वीकृति प्राप्त नहीं हो सकी है।