15 मिनट तक होता रहा ब्लास्ट, 300 मीटर दूर तक फैला फैक्ट्री का मलबा
अमरोहाः उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पटाखे बनाने की फैक्ट्री में भीषण धमाका हो गया। रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव अतरासी में धमाका इतना भयानक हुआ कि इस घटना में पटाखा फैक्ट्री में काम करने वाले 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई है। बताया जा रहा हैकि मजदूरों के बॉडी के पार्ट्स बिखरे हुए मिले। इसके अलावा आधा दर्जन से ज्यादा मजदूर गंभीर रूप से हुए घायल हो गए हैं। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्टरी की टीनशेड पूरी तरह ध्वस्त हो गई। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान लगातार करीब 15 मिनट तक ब्लास्ट होता रहा। धमाके के बाद फैक्ट्री का मलबा 300 मीटर दूर तक फैल गया।
स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल मे भर्ती कराया गया। वहीं घटना की सूचना मिलते ही डीएम, एसपी सहित भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। मलबे में दबे मजदूरों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव में मदद की। मृतकों की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने कहा कि पूरे मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।
समिति को सभी पहलुओं की पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। फैक्टरी मालिक के लाइसेंस और उससे जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जाएंगे। डीएम ने बताया कि माैके पर चार महिलाओं की मौत हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार फैक्टरी हापुड़ निवासी व्यक्ति की बताई जा रही है। इससे पहले एक मई को गांव भावली में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हो गया था। इसकी चपेट में आकर एक बच्चा झुलस गया था। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने माैके पर पहुंचकर जांच की थी।
बताया गया कि पिछले कई माह से रहरा क्षेत्र के गांव भावली में नदी के पास एक मकान में अवैध रूप से पटाखा फैक्टरी का संचालन हो रहा था। इसमें फुलझड़ी से लेकर कई तरह के पटाखों की पैकिंग व निर्माण कराया जा रहा था। इसमें गांव व आसपास के लोगों मजदूरी पर काम भी प्रतिदिन दिया जाता था। गांव की एक महिला अपने बच्चे को लेकर मजदूरी करने गई थी। बताया जा रहा हैं कि बच्चा फुलझड़ी जलाने लगा, जिससे विस्फोट हो गया। वहां मौजूद लोगों ने उस पर काबू कर लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध पटाखा फैक्टरी संचालित की जा रही थी।