जालंधर, ENS: पाकिस्तान सीमा के साथ लगते राज्यों में आपरेशन शील्ड के आज मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई। वहीं मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस वालंटियर और मेडिकल टीम शामिल हुई। जहां एक बार फिर से हमले को लेकर लोगों को सुचेत किया गया। हालांकि यह मॉक ड्रिल पहले 29 मई को की जानी थी, लेकिन सिविल डिफेंस के अधिकारियों की ट्रेनिंग के चलते तारीख में बदलाव किया गया।
इस मॉक ड्रिल को लेकर कैंट के केटोनमेंट बोर्ड की ओर से पहले से तैयारियां कर ली गई थी। वहीं मॉक ड्रिल को सफल बनाने के लिए सभी को पहले से निर्देश जारी कर दिए गए। यह मॉक ड्रिल जवाहर पार्क के पास कैंट बोर्ड ऑफिस में की गई। जिसमें बाद मॉक ड्रिल में दिखाया गया कि अगर हमला होता है तो लोगों को किस तरह से सावधानी बरतनी चाहिए।
दरअसल, इस ड्रिल का मकसद है कि आपातकालीन स्थिति में कैसे लोगों की सुरक्षा की जाए और जरूरी सेवाएं (जैसे खाना, दवाई, इलाज आदि) कैसे उपलब्ध कराई जाएं। इस अभ्यास में NDRF, SDRF, BSF, सेना और दूसरे जरूरी विभाग भी शामिल रहे। ये सब यह सुनिश्चित करेंगे कि आपातकाल के समय जो सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं, वे सही तरीके से लागू हो रहे हैं या नहीं। वहीं देर रात 9:30 बजे से 10 बजे तक जिले में ब्लैकआउट (बत्ती बंद) का अभ्यास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ब्लैकआउट से पहले सायरन की आवाज सुनाई देगी। इस दौरान आपातकालीन सेवाओं (जैसे अस्पताल, पुलिस आदि) को छोड़कर पूरे जिले की लाइटें बंद कर दी जाएंगी। नगर निगम की ओर से सड़क की लाइटें भी बंद की जाएंगी।
डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि ब्लैकआउट के समय लोग अपने जनरेटर या इन्वर्टर से भी लाइट का इस्तेमाल न करें। घर के बाहर लगी लाइटें भी बंद रखी जाएं। उन्होंने बताया कि शहर में सायरन की संख्या बढ़ाई गई है, लेकिन अगर किसी को कोई परेशानी हो तो जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम नंबर 0181-2224417 पर जानकारी दी जा सकती है।
डॉ. अग्रवाल ने लोगों से अपील की कि यह ब्लैकआउट केवल आपातकालीन हालात से निपटने की एक तैयारी (अभ्यास) है, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इस अभ्यास के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस दौरान बिना जरूरत के यात्रा न करें। अगर यात्रा करनी पड़े तो गाड़ी को सड़क के किनारे रोककर लाइट बंद कर दें।