जालंधरः 65 साल के ससुर का मुक्के मार-मार कत्ल करने वाले दामाद तरनजीत सिंह तन्ना और उसके दोस्त रघुवीर सिंह निक्कू को अदालत ने उम्र कैद व 1-1 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। केस में तरनजीत की भाभी जसविंदर कौर और एक अन्य महिला परमजीत कौर को बरी कर दिया। जुर्माना न देने पर आरोपियों को 2 साल की और कैद काटनी होगी। अदालत ने 15 अप्रैल, 2020 को लांबड़ा के गांव निज्जरां में 65 साल के निर्मल सिंह की हत्या के मामले में यह फैसला सुनाया है।
चश्मदीद गवाह निर्मल सिंह की बेटी जसवंत कौर, पत्नी सुखविंदर कौर, बेटे गुरजंट सिंह और भाई अमरीक सिंह और अन्य ने गवाही दी कि उनके सामने ही सारा घटनाक्रम हुआ है। निर्मल सिंह कर्फ्यू के बावजूद अपनी फैमिली संग दामाद को समझाने आए थे। इस संबंध में थाना लांबड़ा में 15 अप्रैल 2020 को हत्यारोपी तरनजीत सिंह, गांव कुराली के रहने वाले उसके दोस्त रघुवीर सिंह, भाभी जसविंदर कौर और गांव कोटला की एक अन्य महिला परमजीत कौर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
नकोदर के गांव चक्क विंडल की रहने वाली 34 साल की जसवंत कौर ने कहा कि 17 फरवरी, 2010 को उसकी शादी गांव निज्जरां के तरनजीत सिंह तन्ना से हुई थी। उसका 8 साल का बेटा और तीन साल की बेटी है। जेठ इंग्लैंड में रहते हैं। शादी के कुछ महीने बाद उसे पता चला कि पति के भाभी से गहरे रिश्ते हैं। इतना ही नहीं, एक अन्य महिला से भी उसकी दोस्ती थी। एक साल पहले पति को किसी महिला से बात करते पकड़ा था। जेठानी ने कहा था कि हमने जालंधर में कोठी खरीदी है। वह और उसका पति (आरोपी) वहीं रहेंगे।
इस बात को लेकर कहासुनी के बाद पति ने मारना शुरू कर दिया। पिता को फोन पर बात बताई तो सुबह पिता, मां, भाई, चाचा, मौसी आए थे। आरोपी ने इसके बाद फोन कर अपने दोस्त को बुला लिया। दोस्त ने बुजुर्ग के हाथ पीछे से पकड़े और पति ने सीने पर मुक्के मारे। इसके बाद उनके पिता जमीन पर गिर गए थे। उन्हें अस्पताल में लेकर आए, मगर उनकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने केस में आरोपी अरेस्ट कर चार्जशीट कोर्ट में फाइल कर दी थी।