जालंधर, ENS: पंजाब सरकार द्वारा 19 मार्च को किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल, सरवन सिंह पंढेर और अन्य किसानों को गिरफ्तार किए जाने के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताया गया है। हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले में पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया है और डीजीपी को इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट सोमवार को दायर करने के आदेश दे दिए हैं। दरअसल, किसान नेता जगजीत डल्लेवाल को पुलिस 19 मार्च देर रात 2 बजे जालंधर पिम्स अस्पताल में लेकर आई थी।
लेकिन जैसे मीडिया को सूचना मिली तो पुलिस पिम्स अस्पताल से लेकर कैंट के पीडब्लयूडी रेस्ट हाउस में लेकर चली गई। जहां पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच डल्लेवाल का उपचार चल रहा है। वहीं डल्लेवाल के साथ पुलिस ने 2 सेवादारों को लगाया है। याचिका भारतीय किसान यूनियन दोआबा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह ने दायर की है। याचिका में कहा है कि जगजीत सिंह डल्लेवाल को बिना कोई नोटिस दिए और कारण बताए गिरफ्तार किया गया है, जोकि गैर कानूनी है। उन्होंने हाईकोर्ट से मांग की कि उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।
शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पुलिस की कार्रवाई से खफा किसानों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर रोष जाहिर किया। हरियाणा के अंबाला शहर और शहजादपुर दोनों जगह अनाज मंडी में शहीद भगत सिंह यूनियन और संयुक्त किसान मजदूर इंकलाब यूनियन से जुड़े किसानों ने पंजाब सरकार के पुतले फूंक कर रोष जाहिर किया। किसानों के निशाने पर आम आदमी पार्टी रही।