पेशावरः पाकिस्तान ने आतंकवाद से जुड़ी चिंताओं के चलते अफगान के नागरिकों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। पाकिस्तान ने अवैध रूप से रह रहे अफगानियों को वापसी भेज दिया है। 21 मार्च तक 8 लाख से अधिक लोगों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है। दरअसल, एक आधिकारिक दस्तावेज में यह जानकारी दी गई। मीडिया में लीक हुए इस दस्तावेज में संकेत दिया गया है कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी में रह रहे एसीसी धारकों को अफगानिस्तान वापस भेजा जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान सरकार ने 31 मार्च की समय-सीमा तय की है। जिसके तहत अवैध रूप से रह रहे लोगों और अफगान नागरिक कार्ड धारकों को देश छोड़ना होगा। इसी के तहत अब तक 8,74,282 अफगानों को पाकिस्तान से वापस भेजा गया है। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि इस प्रक्रिया में किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान लौटने वाले लोगों के लिए भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
अधिकारी ने कहा कि तय समय-सीमा के बाद पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने बृहस्पतिवार को पाकिस्तान सहित दुनिया के अन्य देशों से अफगान शरणार्थियों की धीरे धीरे वापस भेजने का आह्वान किया। बता दें कि यह अफगानिस्तान के प्रवासियों के लिए बहु-चरणीय पुनर्वास योजना का हिस्सा होगा।
आतंकवाद के मुद्दे पर इस्लामाबाद और काबुल के बीच बिगड़ते संबंधों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। साथ ही इसमें कहा गया है कि अवैध विदेशी प्रत्यावर्तन कार्यक्रम को एक नवंबर 2023 से लागू किया गया है। पाकिस्तान ने अफगान नागरिक कार्ड धारकों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 31 मार्च 2025 तक सभी अफगान नागरिक कार्ड धारक पाकिस्तान छोड़ दें। क्योंकि उन सभी को पाकिस्तान में चलाए जा रहे अवैध विदेशी प्रत्यावर्तन कार्यक्रम के तौर पर शामिल किया गया है। इससे अब अफगान नागरिकों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।