जालंधर, ENS: अर्बन एस्टेट में ठगी की वारदात सामने आई है। जहां 6 दिन फ़र्ज़ी इनकम टैक्स विभाग अफसर बनकर किराये के मकान में रहकर व्यक्ति ने दंपति से लाखों रुपए ठग लिए। मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित इकबालजीत सिंह ने कमिश्नरेट पुलिस को शिकायत दे दी है। पीड़ित ने बताया कि उसे सस्ता सोना दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपए ठग लिए गए। व्यक्ति ने अपनी पहचान सुभाष चंद्रन पुत्र रामचंद्रन नायर वासी मकान नंबर 57. लेबर कॉलोनी, नजदीक संगम सिनेप्लेक्स, भोपाल के रूप में बताई थी। शिकायत के साथ जालसाज की तरफ से दिए आधार कार्ड, रेजिडेंस के सर्टिफिकेट तथा पैन कार्ड की फोटो कॉपी भी पुलिस को दी है। ठग किरायेदार बनकर 6 दिन उनके घर की ऊपरी मंजिल पर रहा। विश्वास बनाया और सस्ता सोना दिलाने के नाम पर उक्त रकम ठगकर फरार हो गया।
वह 7 फरवरी को इलाके के प्रॉपर्टी डीलर के जरिये हमें मिला। पहले भी घर को ऊपरी मंजिल तथा दूसरे 2 पोर्शन हम किराये पर देते हैं। उग ने पहली मंजिल किराये पर लेने की बात कही।
खुद को इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताया और बोला कि दो-तीन साल किराये पर रहूंगा। मैं उसकी बातों में आ गया और फ्लोर किराये पर दे दिया। एक दिन बोला- मैं इनकम विभाग में कार्यरत हूं। आपको सस्ते रेट पर सोना लेकर दे सकता है। उसने बातो में फंसाया और मुझमे 3 लाख रुपए ले लिए। 13 फरवरी को एसबीआई के खाते से पैसे निकलवाने वो भी मेरे साथ गया था। पैसे लेने के बाद उसने कहा कि 2-3 दिन में सोना ला दूंगा। इसके बाद वह वापस नहीं आया। उसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। इसके बाद वे स्काईलार्क चौक के पास इनकम टैक्स विभाग के दफ्तर गए। वहां पता चला कि ऐसा कोई शख्स उनके दफ्तर में कार्यरत नहीं है। न ही कोई ट्रांसफर होकर आया है।
पीड़ित ने बताया कि उसके साथ 3 लाख रुपए की ठगी की है। बाद में हमें प्रॉपर्टी डीलर ने चताया कि उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफार्म पर किराये की प्रॉपर्टी को उपलब्धता की जानकारी दर्ज कराई थी। उसके जरिये उक्त शख्स उनके पास आया था। उसने अपना बैग गुम हो जाने की बात कहकर 2000 रुपए उधार मांग थे। किराये का मकान दिलाने की कमीशन भी नहीं दी। उससे किरामानामा साइन नहीं किया था। उसने जो अपने शिनाख्ती दस्तावेज दिए उसी आधार पर उस पर विश्वास कर लिया।
पीड़ित ने बताया कि वह कुछ सब्ज़ी सहित अन्य सामान कमरे में छोड़ गया है, जब उन्होंने उसका समान देखा तो लोकल किसी की शादी का कार्ड उन्हें मिला जब उन्होंने दिए गए नंबर पर बात की तो उन्होंने भी बताया के ये व्यक्ति उनका पारिवारिक दोस्त है और नौकरी दिलवाने के नाम पर हम से भी 7 हज़ार ले गया।