एडवोकेट का दावाः मेयर की गाड़ी पर लगा झंडा, लाल बत्ती व लाल नेम प्लेट अवैध
जालंधर, ENS: नगर निगम के नवनिर्वाचित मेयर विनीत धीर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सरकारी गाड़ी पर लगी लाल बत्ती पर संकट आ गया है। संकट इस तरह आया कि जालंधर के आरटीआई एक्टिविस्ट एडवोकेट सिमरनजीत सिंह द्वारा एक पत्र पंजाब के गवर्नर और डीजीपी पंजाब को लिखा गया है। जिसमें उन्होंने कहा कि मेयर की गाड़ी पर लाल बत्ती लगाना मोटर व्हीकल एक्ट की उल्लंगना है। जिसको लेकर उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।
आरटीआई एक्टिविस्ट एडवोकेट सिमरनजीत सिंह ने बताया कि 2017 को गवर्नमेंट आफ इंडिया की तरफ से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत एक नोटिफिकेशन जारी की गई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी एक पोस्ट डालकर कहा गया था कि देश का हर नागरिक वाईपी है। इसलिए कोई भी वीआईपी अपनी गाड़ी के ऊपर लाल बत्ती नहीं लग सकता है। जो वीआईपी पुलिस यहां इमरजेंसी की गाड़ी एस्कॉर्ट कर रही है, सिर्फ उन्हें गाड़ी पर बत्ती लगेगी।
इसके बाद पंजाब का सरकार की तरफ से भी एक नोटिफिकेशन जारी की गई थी। जिससे सभी मंत्री और विधायकों की गाड़ी से लाल बत्ती उतर गई थी। अब कोई भी कैबिनेट मंत्री अपनी गाड़ी पर लाल बत्ती नहीं लगता है। उसके बाद नए मेयर जालंधर के चुने गए, वह शहर के फर्स्ट पर्सन है। जिनको देखकर सभी शहर वासी को फॉलो करते हैं। लेकिन मेरे द्वारा बिना परमिशन के ब्लैक फ्लैग और रेड ब्लू बलिंकर कर गाड़ी पर लगाया है। जब उन्होंने चेक करवाया तो पता लगा कि उक्त गाड़ी का ऑपरेशन के नाम से मेयर को अलॉट है।
लेकिन उसे पर लगी लाल बत्ती फ्लैग और मेयर की लाल नेम प्लेट की कोई भी परमिशन नहीं मिली है। जिससे साफ जाहिर है कि उन्होंने अपनी पावर का मिस यूज़ किया है। वहीं उन्होंने बताया कि उनके साथ जो पुलिस मुलाजिम से नाथ किए गए हैं वह नगर निगम से तनख्वाह ले रहे हैं। जो कि उनके साथ नहीं रह सकते उसकी भी आरटीआई डालकर चेक करवाया जाएगा कि उनकी असल में ड्यूटी कहां पर है। उन्होंने कहा कि अगर डीजीपी या गवर्नर द्वारा इन पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती तो वह हाईकोर्ट में अपील कर इस पर कार्रवाई की मांग रखेंगे।