पब्लिक रिलेशन व कार्पोरेट लॉ के क्षेत्र में मिला उत्कृष्ट अवार्ड-
दिल्ली के कांस्टीचयूशन क्लब आफ इंडिया में हुए सम्मानित
बद्दीसचिन बैंसल: शिमला निवासी रमेश कुमार शर्मा को नई दिल्ली में डॉॅक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। रमेश शर्मा मूलत: जिला शिमला के शोघी के रहने वाले हैं और वर्तमान में औद्योगिक नगर बददी के प्रतिष्ठित उद्योग बिरला टैक्सटाईल मिल्स में वाईस प्रेजीडेंट के पद पर कार्यरत हैं। रमेश कुमार शर्मा को दिल्ली के कांस्टीचयूशन क्लब आफ इंडिया में आयोजित राष्ट्र स्तरीय कार्यक्रम में यह अवार्ड बेहतर जन संचार (पब्लिक रिलेशन) करने व कार्पोरेट लॉ के अध्ययन के लिए मिला है। यह अवार्ड उनको देश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था आईकोनिक पीस अवार्ड कौंसिल ने एक भव्य समारोह में प्रदान किया जिसमें देश के अलग अलग राज्यों से आई 47 विभूतियों को उनके विशेष उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया था। यह वह लोग थे जिन्होने समाज सेवा, स्वास्थ्य, पत्रकारिता, शिक्षा, खेल, संगीत, संगठनात्क लीडरशिप, जन संचार, आयुर्वेद, मैडीकल संाईस, बिजनेस प्रबंधन, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, सेफटी, मानव विकास संसाधन, स्टडी, शोध, युवा एवं योगा जैसी अलग अलग श्रेणियों में नाम कमाया था।
डा. रमेश शर्मा की यह थी उपलब्ध्यिां-
हिमाचल प्रदेश से चयनित हुए एकमात्र अवार्डी डा. रमेश शर्मा को 1990 के दौर में सरकारी नौकरी मिली लेकिन उन्होने उस समय सोचा कि नौकरी से वो अपना तो भला कर पाएंगे लेकिन किसी और को रोजगार नहीं दे सकते न ही किसी को आत्म निर्भर बना सकते हैं। इसलिए दिसंबर 1992 में सरकारी नौकरी त्याग कर जनवरी 1993 में बिरला गु्रप दिल्ली में ज्वाईन किया और 1999 में उनका कारखाना अपनी कार्यकुशलता तथा कौशल प्रबंधन के बलबूते बददी में स्थापित करवाया। उस कारखाने से हजारों लोगों को रोजगार मिला जबकि उस समय हिमाचल में उद्योग स्थापित बहुत मुश्किल था। उसके बाद उनकी कार्यकुशलता व सौम्य व्यवहार तथा उच्च कोटि के जन संपर्क को देखते हुए कंपनी ने उनको बददी के निकट भटौली कलां में दूसरा कारखाना लगाने की जिम्मेदारी सौंपी जिसको लगाने में भी सफल हुए। आज इस कारखानें से भी हजारों लोग रोजगार पा रहे हैं और इन कारखानों को देश के समग्र विकास, रोजगार तथा टैक्स देने में अहम योगदान है। कुशल प्रबंधन व कार्पोरेट लॉ के अध्ययन से डा. रमेश कुमार शर्मा ने अपने रास्ते में आने वाली हर बाधा को अपनी कार्यक्षमता व बुद्वि कौशल तथा सही वक्त पर सही निर्णय लेने से पार किया और वाईस प्रैजीडेंट जैसे उच्च पर पर पहुंचे।
क्या बोले समारोह में-
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश की ओर से एकमात्र विभूषित हुए डा. आर. के शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हम क्या हैं यह मायने नहीं रखता बल्कि दूसरों को अपने ज्ञान, मन, वचन व कर्म से क्या दे सकते हैं यह विचारणीय है होता है। उन्होने कहा कि सबके साथ मिलकर हर छोटे बडे से सीख लेकर अपना गुणात्मक विकास करके ही आगे बढ़ा जा सकता है। चाहे आप किसी भी क्षेत्र में कार्यरत हो आपके अंदर किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए जोश जज्बा जूनून होना चाहिए।