ऊना,सुशील पंडित: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चले ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान का समापन हुआ। इस दौरान संस्थान में स्वच्छता, जागरूकता, कचरा पृथक्करण, सतत विकास, जनभागीदारी और स्वच्छता कर्मियों के सम्मान से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान के समापन पर स्वच्छता को केवल विशेष अभियानों तक सीमित न रखकर इसे दैनिक जीवन की आदत और जीवनशैली बनाने का संदेश दिया गया।
दो सप्ताह तक चले अभियान के तहत स्वच्छ पाठशाला, युवा फॉर स्वच्छता, स्वच्छ सार्वजनिक स्थल, स्वच्छता के लिए जनभागीदारी, स्वच्छ एवं हरित उत्सव, स्वच्छ पर्यटन स्थल, स्वच्छता से समृद्धि, सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर तथा ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान रिड्यूस, रीयूज़ और रिसाइकल की अवधारणा, टिकाऊ जीवनशैली और कचरे के उचित पृथक्करण के प्रति भी जागरूक किया गया।
समापन समारोह में IIITऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने स्वच्छता को जीवनशैली और सोच का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी सिद्धांतों का अनुसरण करने का संदेश देते हुए कहा कि संस्थान को स्वच्छ बनाए रखने में सफाई कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभियान अवधि के अलावा पूरे वर्ष समर्पण के साथ सेवाएं देने वाले सफाई कर्मियों का आभार व्यक्त किया।
संस्थान के कुलसचिव डॉ. रवि सैनी ने सफाई कर्मियों को ‘स्वच्छता सेनानी’ संबोधित करते हुए कहा कि परिसर समुदाय के स्वास्थ्य और कल्याण को बनाए रखने में उनका योगदान अहम है। इस अवसर पर संस्थान के सफाई एवं बागवानी कर्मियों को परिसर को स्वच्छ, हरा-भरा और सुव्यवस्थित बनाए रखने में उनके निरंतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
अभियान का समन्वय डॉ. संजीत निंगथौजम, एसोसिएट डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) ने किया, जबकि डॉ. लक्ष्मणिका और सुश्री निशा सह-समन्वयक रहीं। समापन पर संस्थान ने स्वच्छ, हरित एवं सतत परिसर के साथ स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिकता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
