अमृतसरः जिले के बांसां वाले बाजार की गली संख्या 4 में अचानक गोलीबारी की खबर सामने आने पर हंगामा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और 112 नंबर पर फोन किया। खबर मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। मौके पर मौजूद पीड़ित परिवार की बुजुर्ग महिला और स्थानीय युवक ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि इलाके में लंबे समय से जुआ, सट्टेबाजी और अवैध मादक पदार्थों की बिक्री चल रही थी। उनका कहना है कि जब उन्होंने इन असामाजिक गतिविधियों और सड़क पर शराब पीने का विरोध किया, तो लगभग 10 लोगों ने उनके लड़कों को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने उन पर लगभग 4 राउंड गोलियां चलाईं और दहशत का माहौल पैदा करते हुए मौके से फरार हो गए।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पुलिस को कई बार शिकायत दी गई है। उनका आरोप है कि समय पर सख्त कार्रवाई न होने के कारण इन असामाजिक तत्वों का मनोबल लगातार बढ़ता गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में कथित तौर पर जबरन दुकानों को खाली कराने और निर्माण कार्य को लेकर विवाद बढ़ गया। इस दुश्मनी के कारण एक युवक पर बाहर से फोन करने और हमला करने का भी आरोप लगाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी अपनी कार और मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से फरार हो गया। 112 पर मिली सूचना के आधार पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है और उनके विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवार को मौके से कोई खाली खोल या अन्य सबूत मिलने पर जांच दल के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मंदिर के अध्यक्ष के चुनाव, व्यक्तिगत विवादों और मंदिर की जमीन पर दुकानों के निर्माण से संबंधित एक पुरानी प्रतिद्वंद्विता का पता चला है।
इसके साथ ही मंदिर ट्रस्ट और संपत्ति से जुड़े कानूनी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि पुलिस थाने के रिकॉर्ड में जुआ या सट्टेबाजी की कोई पिछली लिखित शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, सभी आरोपों की पूरी तरह से जांच की जाएगी। आरोपी की पहचान के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। वाहनों को जब्त कर लिया गया है और मालिकों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहर की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने और गुंडागर्दी करने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
