जालंधरः लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में बीती रात छात्रों ने भारी हंगामा किया। एक छात्रा से कथित रेप की सूचना के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद बाद रात लगभग 2 बजे छात्रों ने यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किया और भारी तोड़फोड़ की। इस दौरान छात्रों ने यूनिवर्सिटी के अंदर एक कैंपस में आग भी लगा दी।
प्रदर्शन करते छात्र यूनिवर्सिटी के गेट के बाहर आ गए, जहां गेट पर भी तोड़फोड़ की और उसके बाद चंडीगढ़-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना लगा दिया और इसे बंद कर दिया। कपूरथला के एसपी गौरव तूरा रात को घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं मामले को बढ़ता देख जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला भी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे है। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों को भी संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि मामला ध्यान में है, स्थिति पर काबू पाया जा रहा है। पुलिस मामले में अज्ञात पर एफआईआर कर रही है। सीसीटीवी कैमरों को भी जांचा जाएगा, जिसके बाद बनती कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने एक लिखित पत्र छात्रों को सौंपा है। जल्द मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं गर्ल्स हॉस्टल की छात्रों ने कुछ डिमांड भी की है, जिसके लिए 12 बजे एक मीटिंग रखी गई है, जिसमें यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट और छात्रों को साथ में बिठाकर उनकी मांगें मानी जाएगी। सिंगला ने कहा कि छात्रों को साथ लेकर मामले में कार्रवाई की जाएगी। छात्रा जी-3 हास्टल की बताई जा रही है।
वहीं पिछले दिनों तेलंगाना की छात्रा द्वारा आत्महत्या करने के मामले में डीआईजी ने कहा कि मामले की जांच जारी है। छात्रा के परिजनों ने बयान लिखे गए थे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव डीन स्टूडेंट वेलफेयर विंग के डॉ. सौरभ लखनपाल ने कहा कि एलपीयू झूठी और मनगढ़ंत खबरें और अफवाहों का पुरजोर खंडन करता है। यूनिवर्सिटी के ध्यान में आया कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर झूठी बेबुनियाद और मनगढ़ंत अफवाहएं फैला रहे हैं। इससे छात्रों के बीच वे बेवजह भ्रम पैदा हो रहा है और जितना भी एकेडमिक माहौल है, उसको खराब करने की कोशिश की जा रही है। जिस तरह से ये झूठी और गुमराह करने वाली जानकारी व्यवस्थित रूप में फैलाई जा रही है। उससे तो ऐसा लगता है कि यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और उसकी छवि खराब करने के लिए सोची समझी कोशिश है।
यूनिवर्सिटी साफ तौर पर स्पष्ट करती है कि सभी फैलाई जा रही अफवाहएं में कोई भी सच्चाई नहीं है। छात्रों को, अभिभावकों को, पेरेंट्स को, आम जनता को सबको अनुरोध है कि ऐसी अफवाहों पर विश्वास ना करें। उन्हें केवल यूनिवर्सिटी के आधिकारिक माध्यम जैसे कि यूएमएस से दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें।