चंडीगढ़: नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित 9वें इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक-2026 के दौरान हरियाणा ने जल संरक्षण एवं जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में प्रदेश द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और नवाचारों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। इस सम्मेलन में देश-विदेश के जल विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों तथा अंतरराष्ट्रीय भागीदारों ने भाग लिया। इसका उद्घाटन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने किया।
23 सितंबर को हरियाणा की ओर से जल प्रबंधन की उपलब्धियों पर प्रस्तुति
सेमिनार में बोलते हुए डॉ. सतबीर सिंह कादियान, इंजीनियर-इन-चीफ एवं प्रमुख निदेशक ने हरियाणा में जल संरक्षण, जल संसाधनों के समुचित प्रबंधन तथा संस्थागत स्तर पर किए जा रहे कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने हरियाणा द्वारा जल संरक्षण, उपलब्ध जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने तथा भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हाल ही में किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौते पर हुए हस्ताक्षर जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना यमुना बेसिन में जल भंडारण, सिंचाई, पेयजल, विद्युत उत्पादन तथा यमुना के प्रवाह को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है।
हरियाणा में सरकार द्वारा जल संरक्षण पर अनेक नई परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाया गया है। ड्रीप इरिगेशन से लेकर धान की सीधी बिजाई जैसे अनेक प्रयास जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे हैं। इस वैश्विक मंच के माध्यम से हरियाणा द्वारा जल प्रबंधन संबंधी पहलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।