शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने शनिवार सायं कांगड़ा जिले के सिद्धबाड़ी स्थित चिन्मय तपोवन आश्रम में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव की अध्यक्षता की। यह आयोजन चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मिशन के संस्थापक पूज्य स्वामी चिन्मयानंद जी के जीवन, शिक्षाओं और योगदान का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।

गुप्ता ने कहा कि भारत में ज्ञान, सेवा, साधना और मानव कल्याण की समृद्ध एवं प्राचीन परंपरा रही है। उन्होंने इन जीवन-मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि युवाओं को आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भी पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। राज्यपाल ने भारतीय जीवन-दर्शन के आदर्श वसुधैव कुटुम्बकम अर्थात पूरी दुनिया एक परिवार है तथा सर्वे भवन्तु सुखिनः अर्थात सभी सुखी हों का उल्लेख करते हुए समस्त मानवता के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान तिब्बती आध्यात्मिक गुरु परम पावन दलाई लामा का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया। स्वामी मित्रानंद ने चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा तथा पूज्य स्वामी चिन्मयानंद जी के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।