शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने युवाओं का आह्वान किया कि वे समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने तथा मानव सेवा की भावना को मजबूत करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। राज्यपाल रविवार को हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू), शिमला में आयोजित ‘स्वास्थ्य मंथन-2026’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि कार्यक्रम की विषयवस्तु ‘स्वस्थ कल के लिए युवा नेतृत्व का सशक्तिकरण’ वर्तमान में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल देश का भविष्य हैं, बल्कि आज की सबसे बड़ी ताकत भी युवाओं में ही निहित है। एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए युवाओं में जागरूकता, संवेदनशीलता और सक्रिय भागीदारी जैसे गुणों का होना आवश्यक है।

युवाओं से विभिन्न क्षेत्रों में अपने उत्तरदायित्व निभाने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि नेतृत्व पद या अधिकार से परिभाषित नहीं होता बल्कि सच्चा नेतृत्व जिम्मेदारी और सेवा की भावना से परिभाषित होता है। उन्होंने युवाओं से ऐसे समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया, जहां लोग बिना किसी भय के सहायता प्राप्त कर सकें, मरीजों के साथ गरिमा एवं सम्मान के साथ व्यवहार हो, सही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी व्यक्ति को उसकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर भेदभाव का सामना न करना पड़े।