शिमला: अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम्स (एईडीपी) को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 16 राजकीय महाविद्यालयों में लागू करने के लिए प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने आज बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (उत्तरी क्षेत्र), कानपुर (बीओएटी-एनआर) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य कक्षा में दी जाने वाली शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच के अंतर को कम करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त स्नातक डिग्री के साथ-साथ वास्तविक कार्यस्थल का व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बीओएटी-एनआर के साथ किया गया समझौता ज्ञापन उद्योगों के साथ संबंधों को और मजबूत करेगा तथा विद्यार्थियों के लिए अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध करवाने में मदद करेगा। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को लाभ प्राप्त होगा, क्योंकि उन्हें कार्यस्थल का अनुभव, उद्योग से संबंधित कौशल और बेहतर रोजगार की संभावनाएं प्राप्त होगी।

रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाद देश का तीसरा राज्य है, जहां इस तरह के अप्रेंटिसशिप-आधारित डिग्री कार्यक्रम लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एईडीपी को विद्यार्थियों से मिल रही उत्साहजनक प्रतिक्रिया से विभाग को आने वाले वर्षों में इन कार्यक्रमों का विस्तार और अधिक महाविद्यालयों तक करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।