लुधियानाः लुधियाना बस स्टैंड डिपो के ठीक सामने बनी पार्किंग से चोरों ने पीआरटीसी की एक टॉप मॉडल बस ही उड़ा ली। अगले दिन यह बस शहर से करीब 21 किलोमीटर दूर ईंटों पर खड़ी मिली। चोरों ने बड़े आराम से बस के टायर, बैटरियां और अन्य कीमती सामान निकाल लिया और पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है।
बस के ड्राइवर ने बताया की सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि 28 अगस्त की रात करीब 12:30 बजे एक बोलेरो पिकअप पार्किंग के पास आकर रुकती है। इसमें 7 से 8 लोग सवार हैं। चोर करीब 2 घंटे तक वहीं बैठे रहते हैं और रेकी करते हैं।
रात 2 बजकर 20 मिनट पर जब सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा छा जाता है, तब वे बस को पार्किंग से बाहर निकालते हैं। हैरानी की बात यह है कि गेट पर न कोई एंट्री हुई और न ही किसी ने उन्हें रोकने-टोकने की जहमत उठाई। आगे चलकर जगराओं पुल के पास एक ऑटो और एक स्कूटी इस बस को एस्कॉर्ट करने के लिए पहुंच जाते हैं।
स्कूटी बैक करके बस के आगे-आगे चलने लगती है, और देखते ही देखते यह बस सड़कों से गायब हो जाती है। यह कोई मामूली चोरी नहीं है। जिस बस को निशाना बनाया गया, वह BS-VI (Phase 2-6) टॉप मॉडल बस थी। इस हाई-टेक गाड़ी का सिस्टम इतना एडवांस होता है कि इसे कोई भी आम चोर बिना चाबी के स्टार्ट नहीं कर सकता। ये सीधा इशारा करता है कि इस वारदात में पार्किंग से जुड़ा कोई व्यक्ति या कोई बड़ा जानकार भेदी शामिल है।
अगली सुबह करीब 7:30 बजे जब बस का ड्राइवर अपनी ड्यूटी पर पहुंचा तो बस को पार्किंग से गायब देख उसके होश उड़ गए। आनन-फानन में बस की तलाश शुरू की गई। कुछ घंटों की मशक्कत के बाद पता चला कि चौकीमान टोल प्लाजा से करीब 2 किलोमीटर पीछे, ढट्ट गांव के पास बस खड़ी है।
जब लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि बस ईंटों के सहारे खड़ी की गई थी। चोरों ने बड़ी ही तसल्ली से बस के सातों टायर, दोनों बैटरियां और स्टार्टिंग की तारें निकाल ली थी। सबूत मिटाने के लिए उन्होंने बस के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़कर अपने साथ ले गए। इस वारदात में मालिक को सीधे तौर पर 7 से 8 लाख रुपए का फटका लगा है।
पीड़ित ने कहा कि एक हफ्ता बीत चुका है लेकिन पीड़ितों को अभी तक इंसाफ नहीं मिला है। बस मालिक और उनका स्टाफ लगातार थाना नंबर 5 के चक्कर काट रहा है। वहा एसएचओ से मिलने पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने सीसीटीवी के आधार पर उस बोलेरो गाड़ी का नंबर निकाल लिया है जिसमें चोर आए थे। लेकिन कार्रवाई के नाम पर अभी तक सिर्फ जांच चल रही है।