चंडीगढ़: हरियाणा में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मिलान में मिली विसंगतियों व पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान न होने के कारण प्राप्त हो रहे नोटिसों को लेकर आम जनता द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इस संबंध में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने स्पष्ट किया कि केवल पुराने मतदाता रिकॉर्ड व संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जा सकता।SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता की पात्रता का परीक्षण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित उपलब्ध दस्तावेजों एवं नियमों के आधार पर किया जाएगा।
SIR का उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से हटाना नहीं है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचे।
मतदाताओं से अपील की जाती है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना से चिंतित न हों। जिन मतदाताओं को अपने दस्तावेजों अथवा मतदाता पंजीकरण के संबंध में कोई समस्या या शंका है, वे अपने क्षेत्र के बीएलओ, ईआरओ अथवा एईआरओ कार्यालय या फिर 1950 पर संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।