चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का मकसद ग्रामीणों को भी शहरों जैसी बेहतर और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। सरकार गांवों के विकास पर लगातार काम कर रही है, सरकार के प्रयास है कि हर तरह की सुविधा ग्रामीण इलाके में भी मिले। नायब सिंह सैनी बुधवार को सचिवालय में स्टेट फाइनेंस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अधिकारियों द्वारा नाबार्ड के सहयोग से प्रदेश में 582 विलेज नॉलेज सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। इस परियोजना पर कुल 514.53 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी, जिसके तहत प्रत्येक विलेज नॉलेज सेंटर पर लगभग 88.33 लाख रुपये खर्च होंगे।
विलेज नॉलेज सेंटर को गांव में एक ‘ऑल-इन-वन’ सहायता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विकास एवं पंचायत विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के अधिकारी भी उपलब्ध रहें। इससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों से संबंधित आवश्यक सुविधाएं एवं सेवाएं सुगमता से मिल सकेंगी।
गलियों की रिपेयरिंग, फिरनी और स्ट्रीट लाइटिंग पर भी विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांवों के विकास में बुनियादी सुविधाओं का बेहतर होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में गलियों की रिपेयरिंग का उचित प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीणों की ओर से गलियों के लेवल और रखरखाव से संबंधित शिकायतें सामने आती हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्रा सिंह,वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव सीजी रजनी कांथन, विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक अनीश यादव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।