चंडीगढ़: पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन की ओर एक बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब के सुशासन और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने आज ‘Digi.Punjab.gov.in’ पोर्टल लॉन्च किया है। यह एक ऐसा एकीकृत डिजिटल पोर्टल है जिस पर 12 विभागों की 300 से अधिक सरकारी सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं, जिससे विभिन्न पोर्टलों पर जाने, दस्ती (मैन्युअल) फाइलें देने और सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
यहां महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मैगसीपा) में पोर्टल लॉन्च करने के बाद अमन अरोड़ा ने बताया कि पहले चरण के तहत नागरिक अब कई विभागों से संबंधित 300 से अधिक आवश्यक जनसेवाओं तक आसानी से पहुंच सकते हैं। अमन अरोड़ा ने कहा, “ऊपर से लेकर नीचे तक प्रत्येक अधिकारी के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है। किसी भी देरी का असर उनके रिकॉर्ड पर दिखाई देगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भ्रष्टाचार वहीं होता है जहां कोई जवाबदेही या पारदर्शिता नहीं होती और यह प्रणाली इन दोनों कार्यों पर लगाम लगाएगी।

सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने जोर देकर कहा कि सुशासन का मतलब है कि आम आदमी को बिना किसी परेशानी या रिश्वत के सेवाएं मिलें। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार इस सिद्धांत के प्रति पूरी तरह से वचनबद्ध है। अमन अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि “डिजी पंजाब” केवल एक आई.टी. प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के फाइलों से अधिक नागरिकों को प्राथमिकता देने के साझा संकल्प को दर्शाता है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पहले की उलझन भरी प्रणाली के कारण नागरिकों को विभिन्न पोर्टलों के कारण मुश्किलों से गुजरना पड़ता था, लंबी कतारों में खड़े होना पड़ता था और विभिन्न प्रणालियों तथा मैन्युअल कागजी कार्यवाही के लिए एजेंटों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसे यह नया शासन मॉडल पूरी तरह से समाप्त कर देगा। अफसरशाही को संदेश देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा, “मैं यहां मौजूद प्रत्येक अधिकारी को स्पष्ट कर दूं कि यह पोर्टल तभी सफल होगा जब आप इसे सफल बनाएंगे। इसलिए अपने स्टाफ को उचित प्रशिक्षण दें, नागरिकों की सहायता करें और इस पोर्टल पर प्राप्त होने वाले हर आवेदन को अपने परिवार का आवेदन समझें।”