जालंधर, ENS: पंजाब के करीब तीन लाख कर्मचारी विभिन्न मांगों के समर्थन में आज हड़ताल पर चले गए हैं। सवा 3 लाख पेंशनर्स भी हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप है जबकि अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी हैं। वहीं सीएम भगवंत में हड़ताल पर बैठे कर्मियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहाकि कर्मचारी हमारे परिवार का अहम हिस्सा हैं और हम उनकी सभी जायज़ चिंताओं को सुनने के लिए तैयार हैं, लेकिन बातचीत और हड़ताल साथ-साथ नहीं चल सकते। सीएम मान ने कहा कि सरकार हर मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत तभी होगी जब हड़ताल वापस ले ली जाएगी।

दरअसल, विभिन्न सरकारी विभागों की मुलाजिम जत्थेबंदियों ने अपनी मांगों के समर्थन में वीरवार को डीसी दफ्तर के सामने धरना दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है। मुलाजिम नेताओं ने कहा कि वे पिछले लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर संघर्ष को और तेज किया जाएगा।