पंचकूलाः साइबर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के निर्देशानुसार साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 की टीम ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 73 वर्षीय व्यक्ति से 49.31 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में लखनऊ से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शशी प्रकाश राय, निवासी बलिया, हाल किरायेदार लखनऊ, उत्तर प्रदेश, उम्र 29 वर्ष तथा संदीप कुमार मिश्रा, निवासी बलिया, हाल किरायेदार लखनऊ, उत्तर प्रदेश, उम्र 30 वर्ष के रूप में हुई है।
दोनों आरोपियों को 9 दिन के पुलिस रिमांड के बाद आज अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार मामले में शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह सोशल मीडिया पर शेयर मार्केट से संबंधित वीडियो देख रहे थे। इसी दौरान उसे शेयर मार्केट में नुकसान की भरपाई और मुनाफा कमाने का झांसा देने वाला वीडियो दिखाई दिया।
वीडियो के माध्यम से उसे व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां आरोपियों ने खुद को शेयर मार्केट विशेषज्ञ बताकर निवेश के लिए प्रेरित किया। बाद में उसे अलग-अलग व्हाट्सऐप ग्रुपों में जोड़कर फर्जी प्राइमरी ट्रेडिंग अकाउंट खोलने का झांसा दिया गया।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता को कोटक सिक्योरिटीज से संबंधित बताकर एक फर्जी ऐप डाउनलोड करवाई और उसमें उसका ट्रेडिंग अकाउंट बना दिया। ऐप पर निवेश की रकम और मुनाफा लगातार बढ़ता हुआ दिखाया गया। विश्वास में लेकर शिकायतकर्ता से अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाई गई। शिकायतकर्ता ने 25 फरवरी से 13 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 49.31 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में जमा करवाए।
शुरुआत में विश्वास कायम करने के लिए शिकायतकर्ता के खाते में करीब 7 हजार रुपये का कथित मुनाफा भी भेजा गया। जब शिकायतकर्ता ने ऐप में दिखाई जा रही राशि निकालने का प्रयास किया तो पैसे नहीं निकले। इसके बाद आरोपियों ने सर्विस चार्ज और ब्रोकरेज चार्ज के नाम पर और रुपये जमा करने की मांग की। इस पर शिकायतकर्ता को ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत दी, जिस पर थाना साइबर क्राइम सेक्टर-20 पंचकूला में 30 अप्रैल 2026 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार जांच के दौरान मामलें से जुडे तथ्यों की जानकारी जुटाई गई। अलग-अलग खातों में शिकायतकर्ता द्वारा जमा करवाई गई रकम का रिकॉर्ड प्राप्त होने के बाद पुलिस टीम ने संबंधित खाता धारकों और आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच में पुलिस ने गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को 16 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर अदालत से 9 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया था। रिमांड के दौरान आरोपियों से साइबर ठगी के गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ की गई। पुलिस द्वारा आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर मामले में आगे की जांच और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।